बरेली। शिक्षा की गुणवत्ता को पलीता लगा रहे शिक्षकों पर बीएसए ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो दिन हुए औचक निरीक्षण में गैरहाजिर मिले शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्र समेत 87 लोगों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने आगामी दिनों में भी औचक निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता परखने की कार्रवाई किए जाने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं।
पिछले दिनों 19, 20 जुलाई को बीएसए ने शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों के औचक निरीक्षण का आदेश दिया था। दो दिनों तक चले औचक निरीक्षण में विभिन्न ब्लॉकों के कई शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्र गैरहाजिर मिले थे। साथ ही, छह स्कूलों पर ताला लटका मिला था। वहीं, बीएसए के निरीक्षण में कुछ अमान्य स्कूलों का संचालन पाया गया था। सोमवार को गैरहाजिरों पर गाज गिरी है। वहीं, स्कूल बंद रखने और अमान्य स्कूलों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई किए जाने की बात बीएसए ने कही है। जारी कार्रवाई के सूची के अनुसार 19 के निरीक्षण के बाद आलमपुर जाफराबाद के चार, बहेड़ी के तीन, भदपुरा का एक, बिथरी चैनपुर के चार, भोजीपुरा के तीन, भुता के बारह, दमखोदा के सात, फरीदपुर के दो, फतेहगंज पश्चिमी के तीन, क्यारा के दो, मझगवां के सात, रामनगर के पांच, शेरगढ़ के छह लोगों पर कार्रवाई हुई है। वहीं, 20 जुलाई के निरीक्षण में दमखोदा के 28 शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षामित्र पर गाज गिरी है।