बरेली। फीस अध्यादेश लागू न होने पर डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उस वक्त हंगामा किया, जब उन्हें कलक्ट्रेट के अंदर घुसने से रोक दिया गया। प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट के बाहर बैठ गए और करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख कलक्ट्रेट में पुलिस फोर्स को बुला लिया गया। बाद में एडीएम सिटी और कोतवाल पहुंचकर कार्यकर्ताओं को परिसर में तो ले लाए लेकिन जैसे ही सभी डीएम दफ्तर में घुसने की कोशिश करने लगे तो उन्हें फिर रोक लिया गया। इस पर वे डीएम की गाड़ी के सामने बैठ गए। इसके बाद अधिकारियों के फिर जैसे नरमी दिखाई तो कार्यकर्ता डीएम कार्यालय में घुस गए और ज्ञापन सौंपा। हालांकि डीएम ने कार्यकर्ताओं की बात सुनने के बाद हिदायत दी कि धारा-144 लागू हैै। बगैर परमिशन के प्रदर्शन किया तो कार्रवाई हो जाएगी।
प्रशासन निजी स्कूलों में फीस अध्यादेश का अनुपालन नहीं करा सका है। इसे लेकर परिषद के विभाग संगठन मंत्री राहुल चौहान के नेतृत्व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पूर्वाह्न करीब 11 बजे प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां मौजूद फोर्स ने उन्हें गेट के बाहर की रोक लिया। कार्यकर्ता अड़ गए कि डीएम को अपनी समस्या बताएंगे। इसकी इजाजत न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने करीब आधा घंटा तक नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। इस पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार और कोतवाल गीतेश कपिल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और गेट खुलवाकर कार्यकर्ताओं को अंदर तो ले गए लेकिन उन्होंने डीएम कार्यालय के अंदर केवल पांच लोगों के ही जाने के लिए कहा। इससे कार्यकर्ता एक बार फिर गुस्सा गए और वह डीएम की गाड़ी के सामने बैठ कर नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख अधिकारी फिर नरम पड़े तो एक-एक करके सभी कार्यकर्ता डीएम कार्यालय में घुस गए। डीएम को बताया गया कि शुल्क निर्धारण समिति में बदलाव की जरूरत है। मंडल स्तरीय कमेटी की जांच में जो तथ्य समाने आए थे, उन्हें सार्वजनिक किया जाए। सुनवाई के बाद कार्यकर्ताओं के वापस जाते वक्त डीएम ने धारा-144 का हवाला देते हुए आगे परमिशन लेकर ही प्रदर्शन करने की हिदायत दी।