बरेली कॉलेज घोटाले पर तीन
महीने बाद फिर जागी पुलिस
एसपी क्राइम ने बयान दर्ज करने को कर्मचारियों को बुलाया
करोड़ों के काम बगैर टेंडर कराने समेत हुई थीं कई गड़बड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बरेली कॉलेज में करोड़ों के घोटाले की एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच रुक-रुककर चल रही है। फिलहाल तीन महीने से यह जांच थमी पड़ी थी। अब एसपी क्राइम डॉ. रमेश भारतीय ने बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया है।
बरेली कॉलेज में बड़े पैमाने पर घपलों-घोटालों की शिकायतों के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद के निर्देश पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच कराई गई थी जिसमें दो करोड़ के ज्यादा के काम बिना टेंडर कराने, सेल्फ फाइनेंस विभागों में वित्तीय अनियमितता कर बिलों का अनापशनाप भुगतान कर दिए जाने समेत तमाम गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच कमेटी ने अपनी छानबीन के दौरान बरेली कॉलेज का पांच साल का रिकॉर्ड खंगाला था, जिसके बाद शिकायतों की पुष्टि की थी। उच्च शिक्षा अधिकारी की ही ओर से ही इसके बाद सात दिसंबर 2018 को थाना बारादरी में अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में मामले की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो गई। कुछ दिन तो क्राइम ब्रांच ने कॉलेज में भागदौड़ कर तमाम रिकॉर्ड तलब कर खासा हड़कंप मचाया लेकिन फिर अचानक मामला गोल हो गया। करीब तीन महीने से इस मामले में जांच पूरी तरह थमी हुई थी। पिछले दिनों अस्थाई कर्मचारियों ने आंदोलन के दौरान एडीजी से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग तो यह मामला एक बार फिर गरमा गया। इसके बाद अब एसपी क्राइम ने शिकायतकर्ता कर्मचारी जितेंद्र मिश्रा और हरीश मौर्य को बयान के लिए बुलाया है।