बरेली। मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जून में प्रस्तावित बैठक जुलाई में भी न हो पाने की वजह से अभिभावकों में प्रशासन के रवैए के प्रति आक्रोश है। मामले पर पिछले दिनों अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिस पर डीएम ने मंगलवार को जिला शुल्क निर्धारण कमेटी की बैठक 18 जुलाई को बुलाई है।
निजी स्कूलों की मनमानी व शुल्क बढ़ोतरी पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। देर से ही सही डीएम ने स्कूलों के शुल्क निर्धारण कमेटी की बैठक बुला ली है, जिसमें मनमानी फीस वसूलने व जुर्माना लगाने सहित नौ बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि शुल्क अध्यादेश आने के बाद अभिभावकों को आस जगी थी कि अब निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगेगी। इसलिए उन्होंने स्कूलों की फीस जमा नहीं की। 12 दिसंबर 2018 को हुई जिला शुल्क निर्धारण कमेटी की पहली बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका है
स्कूल संचालकों पर लगे उत्पीड़न के आरोप
डीआईओएस दफ्तर में कई अभिभावकों ने परीक्षा के समय फीस जमा करने में असमर्थता जताने पर बच्चों के उत्पीड़न करने की शिकायत की है। साथ ही जुलाई से तीन माह की बढ़ी दरों पर फीस वसूली और दो बच्चों के एक स्कूल में पढ़ने पर भी फीस कम न करने की शिकायत पहुंची है। बैठक में इन बिंदुओं पर भी चर्चा की जाएगी। ताकि निजी स्कूल संचालकों पर नकेल कसी जा सके।