बरेली। सीबीएसई की 10वी की परीक्षा देने के साथ ‘मम्मी’ के स्कूल से यूपी बोर्ड में भी टॉप कर लेने के मामले में सबकुछ आइने की तरह साफ है, लेकिन फिर शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले में जांच करने की जिम्मेदारी लेने से कतरा रहे हैं। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव का जांच का आदेश डीआईओएस दफ्तर में पहुंचने के बावजूद शनिवार को यह जांच किसी को नहीं सौंपी जा सकी। बताया जा रहा है कि यूपी बोर्ड के ‘टॉपर’ के पिता से साहब की दोस्ती से वाकिफ अधिकारी इसलिए जांच लेने को तैयार नहीं है कि कहीं साहब नाराज न हो जाएं।
मामला नवाबगंज के छात्र अर्पित गंगवार के सीबीएसई और यूपी बोर्ड दोनों की 10वीं की परीक्षा एक साथ देकर पास होने का है। अर्पित ने यूपी बोर्ड की परीक्षा नवाबगंज के जिस एसएसटी कॉलेज से दी, उसकी प्रबंधक खुद उसकी मम्मी हैं। इस परीक्षा में अर्पित को 91 फीसदी अंक मिले हैं, लेकिन सीबीएसई में सिर्फ 45 प्रतिशत अंक मिल पाए हैं। अमर उजाला में खबर छपने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव राकेश कुमार ने डीआईओएस को जांच का आदेश दिया है। शनिवार सुबह यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव का पत्र पहुंचते ही डीआईओएस कार्यालय में हलचल बढ़ गई। डीआईओएस ने जांच अधिकारी नामित करने की प्रक्रिया शुरू की और इसके बाद देर शाम तक इसी पर माथापच्ची चलती रही लेकिन फिर भी कोई नाम तय नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक अर्पित के पिता तुलाराम की विभाग के साहब की दोस्ती की खबर हर किसी को है, इसीलिए इस मामले में जांच करके कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
बंद कमरे में पिता की ‘साहब’ से मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम अर्पित के पिता तुलाराम गंगवार ‘साहब’ से मिलने पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक ‘साहब’ से बात की और करीब रात होने पर वापस गए। सूत्रों की मानें तो काफी लंबे समय चली इस बातचीत में ‘साहब’ पर मित्र धर्म निभाने का दबाव डाला जाता रहा। साहब इस बातचीत में काफी पशोपेश में रहे।