बरेली। शहर के नामी स्कूल अपने कामकाज में पारदर्शिता लाने की मुहिम कामयाब नहीं होने दे रहे हैं। महीने भर से कई नोटिस और चेतावनियों के बावजूद इन स्कूलों ने अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। शिक्षा विभाग ने पोर्टल पर डाटा न डालने वाले जिले के 583 स्कूलों को चिह्नित किया है। इन स्कूलों को डीआईओएस और बीएसए की ओर से नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की अंतिम चेतावनी दी गई है।
शासन के निर्देश के बाद जिले भर के 5836 स्कूलों को यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफार्मेशन सिस्टम फॉर एजूकेशन (यू-डायस) प्लस पोर्टल पर अपना डाटा अपलोड करना है, जिसे ऑनलाइन किए जाने की योजना है। इसमें निजी और बेसिक शिक्षा परिषद के साथ 5342 प्राइमरी स्कूल और 494 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। शासन का आदेश आने के बाद शुरू में तो स्कूल डाटा अपलोड करने में तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर आनाकानी करते रहे। महीने भर पहले शासन के निर्देश पर इन स्कूलों के प्रतिनिधियों को ट्रेंड भी कर दिया गया। इसके बाद कुछ स्कूलों ने अपना डाटा यू डायस पर अपलोड कर दिया लेकिन ज्यादातर स्कूल इसके बाद भी इससे कन्नी काटते रहे।
पिछले महीने सख्ती करते हुए नोटिस जारी किए गए तो स्कूलों में खलबली मची। महीने भर में 5253 स्कूलों ने अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया, लेकिन अब भी 583 स्कूलों ने डाटा अपलोड करने की शुरुआत तक नहीं की है। ये सारे स्कूल वो हैं जो शहर में काफी नामचीन माने जाते हैं और छात्रों से मोटी फीस भी वसूल करते हैं। सभी स्कूलों का डाटा अपलोड न होने पर शासन ने अधिकारियों के पेच कसे हैं। इसके बाद इन स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ये स्कूल पोर्टल पर मौजूद नहीं
सेंट फ्रांसिस स्कूल, हार्टमन कॉलेज, सेंट मारिया गौरेटी, जिंगल बेल्स, सेक्रेड हार्ट्स, श्री गुलाबराय मॉन्टेसरी सीनियर सेकंड्री, राधा माधव, आर्मी पब्लिक स्कूल, माधवराव सिंधिया, पुलिस मॉडर्न सीनियर सेकेंड़ी स्कूल, बिशप कोनराड सीनियर सेकेंड्री, चिक्क र इंटरनेशनल, वुडरो, विद्या भवन, हैरो, एयरफोर्स स्कूल, बीबीएल, पदमावती एकेडमी, महर्षि विद्या मंदिर, फातिमा शरियत कॉलेज, एसआर इंटरनेशनल, ओएसिस इंटरनेशनल, सेंट थॉमस, रोहिलाज इंटरनेशनल और अन्य स्कूलों के अलावा 19 मदरसों ने भी डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। सभी को विधिक कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है।
पोर्टल पर डालना है यह डाटा
स्कूल के भवन के ब्योरे के साथ उसकी गुणवत्ता, सुरक्षा के इंतजाम, शिक्षकों और छात्रों की संख्या और उनका सैलरी और फीस स्ट्रक्चर, हर साल पास और फेल होने वाले छात्रों का ब्योरा, स्कूल में उपलब्ध संसाधन और व्यवस्थाएं।
यू-डायस पोर्टल पर कई स्कूलों ने डाटा अपलोड नहीं किया है। इन स्कूलों को दो दिन का और मौका दिया गया है। इसके बाद भी अगर डाटा अपलोड नहीं किया गया तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अचल कुमार मिश्र, डीआईओएस