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बरेली में ईडी का छापा: मोबाइल कारोबारी के यहां दूसरे दिन भी जांच जारी, मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े हैं तार

Wed, 10 Jun 2026 01:45 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में मोबाइल कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास पर ईडी की जांच बुधवार को भी जारी है। यह कार्रवाई सौ करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। ईडी ने मंगलवार सुबह अग्रवाल के आवास पर छापा मारा था।
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मोबाइल कारोबारी के आवास पर ईडी का छापा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में मोबाइल कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच दूसरे दिन भी जारी है। सौ करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की टीम ने मंगलवार सुबह मोबाइल कारोबारी के मारवाड़ीगंज स्थित आवास पर छापा मारा था। रात करीब 12 बजे तक टीम कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही। इसके बाद टीम चली गई। बुधवार सुबह छह बजे टीम फिर कारोबारी के आवास पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

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एक माह पहले पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी ने गिरफ्तार किया था। अब इस मामले की जांच बरेली तक पहुंच गई है। बरेली के सिविल लाइंस स्थित आईक्रेस्ट स्टोर के मालिक आशुतोष अग्रवाल के आवास पर ईडी ने सुबह करीब सात बजे छापा मारा था। मोबाइल कारोबारी के आवासीय परिसर में ही कार्यालय और गोदाम हैं। देर रात तक टीम ने कारोबार संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के कागजात खंगाले। आशुतोष अग्रवाल आईक्रेस्ट स्टोर संचालक के साथ ही हिंदुस्तान लीवर, आईटीसी, कैडबरी समेत अन्य कई नामचीन कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉकिस्ट और कैरिंग एंड फॉरवार्डिंग (सी एंड एफ) हैं।

जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी कंपनियों और कागजी लेनदेन के जरिए जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही धन के प्रवाह और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर धन किन व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचा तथा क्या राउंड-ट्रिपिंग के जरिए धन शोधन किया गया। तलाशी के दौरान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन , मोबाइल फोन, कंप्यूटर, डिजिटल उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।

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व्यापारियों में खलबली 
बताते हैं कि टीम ने सालाना कारोबार और आय का आंकड़ा भी जुटाया। वित्तीय लेनदेन समेत कारोबारी गतिविधि और कहां-कहां बड़े सौदे किए गए उसकी जानकारी दी जुटाते रहे। हालांकि, अब तक की जांच में क्या रहा इस पर ईडी टीम ने कोई बयान जारी नहीं किया है। ईडी के छापा की जानकारी सुबह करीब दस बजे व्यापारियों को हुई तो चर्चाएं शुरू हो गईं। आशुतोष के करीबी और परिजन के संपर्क में रहे कारोबारी सकते में रहे। परिवार के लोगों से संपर्क की कोशिश नाकाम होने पर क्षेत्रीय करीबी, दुकानदारों के नंबर लेकर उनसे टीम की लोकेशन पता करते रहे।

रात करीब 12 बजे तक टीम की जांच जारी रही। मंगलवार को खाद्य एवं सौंदर्य प्रसाधन आदि एजेंसियों के स्टॉकिस्ट होने की वजह से सुबह दस बजे से सेल्समैन और कार्यालय, गोदाम के कर्मचारी, पल्लेदार भी पहुंचते रहे, लेकिन किसी को प्रवेश नहीं मिला। घंटों तक इंतजार करते रहे।

आशुतोष का पता बताने में भी कतराते रहे पड़ोसी 
ईडी के छापा की सूचना के बाद आवास पर सन्नाटा सा रहा। कुछ व्यापारी कारोबार के संबंध में आशुतोष से मुलाकात के लिए गली में पहुंचे लेकिन पड़ोसियों ने भी जानकारी से इन्कार कर दिया। मौजूद सेल्समैन आवास का पता बताते रहे। लोगों का कहना था कि छापा की जानकारी सभी निवासियों को है। आशुतोष से संपर्क की जानकारी पर कहीं कोई मुसीबत न हो, इस आशंका पर पता नहीं बता रहे।

पुलिस के तीन दिन बाद पहुंची ईडी, चौंके मोहल्ले वाले 
मारवाड़ीगंज मोहल्ले में मंगलवार को कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के घर ईडी की टीम ने कार्रवाई शुरू होते ही आवास के सभी प्रवेश और निकास मार्गों को बंद कर दिया। घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन बंद कर जब्त कर लिए। स्थानीय लोग हैरत में थे कि तीन दिन पहले ही अग्रवाल के घर के सामने पुलिस और एसओजी ने दबिश दी थी। पुलिस ने यहां रहने वाले जगदीश चोटिया को गिरफ्तार किया था। जगदीश और उसके साथी जमीर अहमद से पुलिस ने 35 लाख रुपये बरामद किए थे।
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एसएसपी ने कश्मीर, दिल्ली व अन्य शहरों से हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा किया था। शुरू में जब ईडी की टीम पुलिस के साथ आई तो मोहल्ले के लोगों ने समझा कि ये एसओजी और पुलिस है, आरोपी चोटिया के घर से ही कुछ और बरामदगी करनी होगी। बाद में टीम सामने स्थित आशुतोष अग्रवाल की कोठी में चली गई तो पता लगा कि यहां ईडी का छापा पड़ा है।
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