व्यापारियों में खलबली
बताते हैं कि टीम ने सालाना कारोबार और आय का आंकड़ा भी जुटाया। वित्तीय लेनदेन समेत कारोबारी गतिविधि और कहां-कहां बड़े सौदे किए गए उसकी जानकारी दी जुटाते रहे। हालांकि, अब तक की जांच में क्या रहा इस पर ईडी टीम ने कोई बयान जारी नहीं किया है। ईडी के छापा की जानकारी सुबह करीब दस बजे व्यापारियों को हुई तो चर्चाएं शुरू हो गईं। आशुतोष के करीबी और परिजन के संपर्क में रहे कारोबारी सकते में रहे। परिवार के लोगों से संपर्क की कोशिश नाकाम होने पर क्षेत्रीय करीबी, दुकानदारों के नंबर लेकर उनसे टीम की लोकेशन पता करते रहे।
रात करीब 12 बजे तक टीम की जांच जारी रही। मंगलवार को खाद्य एवं सौंदर्य प्रसाधन आदि एजेंसियों के स्टॉकिस्ट होने की वजह से सुबह दस बजे से सेल्समैन और कार्यालय, गोदाम के कर्मचारी, पल्लेदार भी पहुंचते रहे, लेकिन किसी को प्रवेश नहीं मिला। घंटों तक इंतजार करते रहे।
आशुतोष का पता बताने में भी कतराते रहे पड़ोसी
ईडी के छापा की सूचना के बाद आवास पर सन्नाटा सा रहा। कुछ व्यापारी कारोबार के संबंध में आशुतोष से मुलाकात के लिए गली में पहुंचे लेकिन पड़ोसियों ने भी जानकारी से इन्कार कर दिया। मौजूद सेल्समैन आवास का पता बताते रहे। लोगों का कहना था कि छापा की जानकारी सभी निवासियों को है। आशुतोष से संपर्क की जानकारी पर कहीं कोई मुसीबत न हो, इस आशंका पर पता नहीं बता रहे।
पुलिस के तीन दिन बाद पहुंची ईडी, चौंके मोहल्ले वाले
मारवाड़ीगंज मोहल्ले में मंगलवार को कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के घर ईडी की टीम ने कार्रवाई शुरू होते ही आवास के सभी प्रवेश और निकास मार्गों को बंद कर दिया। घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन बंद कर जब्त कर लिए। स्थानीय लोग हैरत में थे कि तीन दिन पहले ही अग्रवाल के घर के सामने पुलिस और एसओजी ने दबिश दी थी। पुलिस ने यहां रहने वाले जगदीश चोटिया को गिरफ्तार किया था। जगदीश और उसके साथी जमीर अहमद से पुलिस ने 35 लाख रुपये बरामद किए थे।
एसएसपी ने कश्मीर, दिल्ली व अन्य शहरों से हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा किया था। शुरू में जब ईडी की टीम पुलिस के साथ आई तो मोहल्ले के लोगों ने समझा कि ये एसओजी और पुलिस है, आरोपी चोटिया के घर से ही कुछ और बरामदगी करनी होगी। बाद में टीम सामने स्थित आशुतोष अग्रवाल की कोठी में चली गई तो पता लगा कि यहां ईडी का छापा पड़ा है।