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बरेली में ईडी का छापा: आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के यहां दिनभर चली जांच, रात में खाली हाथ लौटी टीम

Mon, 24 Aug 2026 04:51 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

ईडी की टीम ने रविवार को आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के बरेली के नवाबगंज क्षेत्र स्थित पैतृक निवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। दिनभर की जांच के बाद ईडी की टीम रात करीब नौ बजे खाली हाथ लौट गई। 
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आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का घर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की परीक्षा में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की जांच के बीच आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के घर रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरुआ गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर दिनभर जांच होती रही। रात करीब नौ बजे टीम ज्ञानेंद्र के घर से चली गई। बताया जा रहा कि ईडी की टीम को आईएएस के घर कुछ खास नहीं मिला और खाली हाथ लौट गई। 

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ज्ञानेंद्र गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार, गंगवार वर्तमान में कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनके घर रविवार दोपहर लखनऊ नंबर की गाड़ियों से कई अधिकारी पहुंचे। उनके साथ पुलिस की एक बड़ी वैन भी थी। गंगवार के परिवार को घर में नजरबंद करके तलाशी अभियान चलाया गया। 

बताया जा रहा है कि ईडी ने केपीएससी से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की है। पहले कर्नाटक और अहमदाबाद में भी कई स्थानों पर ईडी ने तलाशी अभियान चलाया है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और ओएमआर शीट में हेराफेरी जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। इसी बीच, ज्ञानेंद्र गंगवार से संपर्क नहीं हो सका है। सूत्रों के मुताबिक, गंगवार पारिवारिक आपात स्थिति के कारण घर आए थे। इसके लिए उन्होंने छुट्टी का आवेदन भी किया था।

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घर पर नहीं मिले तीनों भाई, सभी के फोन रहे बंद
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र गंगवार तीन भाई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके सबसे बड़े भाई कमल गंगवार ग्राम प्रशासक हैं। उनसे छोटे मुरारी लाल गांव में ही रहते हैं। ज्ञानेंद्र सबसे छोटे हैं। ईडी की कार्रवाई के दौरान तीनों घर पर नहीं मिले। उनके फोन भी बंद रहे। 

ज्ञानेंद्र के पिता रामगुलाम गंगवार बेसिक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल, वह अस्वस्थ हैं तो कमल गंगवार उन्हें लेकर दिल्ली या किसी अन्य शहर के अस्पताल गए हैं। पहले उनका बरेली में इलाज चल रहा था, फिर यहां से उन्हें रेफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक टीम ने रेफर करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ कर इलाज के पर्चे देखे। ज्ञानेंद्र के गांव में आने की भी चर्चा है, लेकिन पड़ोसियों ने उनके देखे जाने से इन्कार किया है।

माना जा रहा है कि वह भी अस्पताल में पिता के साथ ही हैं। सभी भाइयों के मोबाइल फोन भी बंद हैं। रविवार शाम दो अधिकारी आवास से निकलकर बाहर आए। हालांकि, उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद वे दोबारा अंदर चले गए।
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सुरक्षा में लगे 11 पुलिसकर्मी, रात नौ बजे निकली टीम
ज्ञानेंद्र गंगवार के घर सुबह छापा मारने दिल्ली से आए ईडी के अधिकारियों ने बरेली एसएसपी से संपर्क किया था। सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा के लिए फोर्स उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। तब पुलिस लाइन से 11 पुलिसकर्मियों की गारद भेज दी गई। इनमें दरोगा व महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। रात करीब नौ बजे टीम ज्ञानेंद्र के घर से चली गई। पता लगा कि घर में केवल महिलाएं थीं। उनसे टीम ने कई कागजात व जेवर आदि की जानकारी और तलाशी ली। दावा किया जा रहा है कि टीम को कुछ खास नहीं मिला और वह खाली हाथ ही लौट गई।

सुबह जागे ग्रामीण तो कार्रवाई का पता चला
ईडी की कार्रवाई को लेकर चमरौआ गांव में रविवार को पूरे दिन गहमागहमी रही। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह छह बजे जब लोग जागे और घरों से निकले तो देखा कि गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इनमें से एक सफेद रंग की बड़ी गाड़ी और दूसरी कैदियों या पुलिस बल को ले जाने वाली बड़ी गाड़ी थी। 

ग्रामीणों ने पता लगाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों और पुलिस टीम ने कुछ नहीं बताया। अफसर के घर के आसपास जाने से लोग कतराते दिखे। उनके आवास से कुछ दूर पहले बैठे ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार हुआ है कि गांव में इतनी पुलिस और अधिकारी जांच कर रहे हैं। 
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