टॉफी का लालच देकर मूक-बधिर किशोर से चालक ने ई-रिक्शा धुलवाया और फिर उससे चार्जिंग से हटाने को कह दिया। इसी दौरान करंट की चपेट में आकर किशोर की मौत हो गई।
बरेली के फतेहगंज पूर्वी में टॉफी का लालच देकर मूक-बधिर किशोर से चालक ने ई-रिक्शा धुलाया और फिर उससे चार्जिंग से हटाने को कह दिया। इसी दौरान करंट की चपेट में आकर किशोर की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम को बाकरगंज में हुई। मृतक बच्चे की मां ने ई-रिक्शा चालक दीपक और मां पुष्पा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पीड़ित महिला ने बताया कि पति की मौत के बाद से वह एक टॉफी फैक्टरी में मजदूरी करके परिवार चलाती है। छोटा बेटा मोहनलाल (13) बचपन से ही मूक-बधिर था। मंगलवार शाम को बाहर खेलने गया था। आरोप है कि तभी गांव के दीपक और उसकी मां ने चार्जिंग में लगे ई-रिक्शे को टॉफी का लालच देकर बेटे से धुलवाया।
दीपक के कहने पर वह चार्जिंग का तार हटाने लगा और करंट की चपेट में आ गया। मोरकली ने बताया कि मोहन को उसी हालत में छोड़कर मां-बेटे भाग गए। काफी देर तक मोहनलाल वहीं पड़ा रहा। सूचना पर उसे सीएचसी ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।