शेरगढ़। वाहन के लापरवाह संचालन ने छह माह के मासूम की जान ले ली। गांव शरीफनगर निवासी इमरता देवी, मां और तीन बच्चों के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर कस्बे से शाही जा रही थीं। शाही-शेरगढ़-बहेड़ी मार्ग पर रम्पुरा पुल के पास ई-रिक्शा चालक ने रफ्तार बढ़ाई तो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें कुश (छह माह) मां की गोद में से छिटककर गिर गया। ई-रिक्शा की छत उसके सिर पर लग गई। हादसे में इमरता देवी, उनकी मां कोकिला देवी, बेटी आरोही (4) और अभीरा (2) भी घायल हुई हैं। घायलों का उपचार कराया जा रहा है।
परिजनों के मुताबिक, देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव शरीफनगर निवासी इमरता देवी सोमवार सुबह ही शेरगढ़ के मोहल्ला डूंगरपुर आई थीं। वह अपने बेटे कुश (छह माह), बेटी आरोही (4), अभीरा (2) और मां कोकिला देवी के साथ दवा लेने के लिए रामपुर जिले के मिलक के लिए घर से निकली थीं। वे लोग शेरगढ़ से शाही जाने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुए थे। रास्ते में शाही-शेरगढ़-बहेड़ी मार्ग पर रम्पुरा पुल के पास ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। आरोप है कि चालक ने ई-रिक्शा की रफ्तार अचानक बढ़ा दी थी। हादसे के बाद चालक भाग गया।
इमरता देवी की गोद में बैठा कुश वाहन पलटने से छिटककर गिर गया। ई-रिक्शा की छत उसके सिर में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में इमरता देवी के पैर में चोट आई है। कोकिला देवी, आरोही और अभीरा भी घायल हुई हैं। सूचना पर मौके पर गई पुलिस ने कुश का शव और ई-रिक्शा कब्जे में लिया है। घायलों को सीएचसी भिजवाया।
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि हादसे में कुश की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया। फिलहाल ई-रिक्शा चालक के खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इकलौते बेटे की मौत से माता-पिता बेहाल
घायलों के सीएचसी पहुंचने पर वहां परिचितों की भीड़ लग गई। परिजनों ने बताया कि इमरता देवी के पति सुनील कुमार मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दंपती की दो बेटियां हैं। परिवार पूरा करने के लिए बेटे की चाह थी। कुश का जन्म होते ही घर में खुशी की लहर दौड़ गई थी। वह सभी परिजनों का लाडला बन गया। हादसे में कुश की मौत से उसके माता-पिता रो-रोकर बेहाल हैं। वे बेसुध होकर बेटे को याद कर रहे हैं।