बरेली। परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को सेटेलाइट चौराहा पर प्रवर्तन की कार्रवाई की। इस दौरान ई-रिक्शा का चालान करते हुए निर्माता कंपनी पर भी एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जांच में पाया गया कि वाहन में स्वीकृत टाइप अप्रूवल के विपरीत गलत तरीके से संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। वाहन की चौड़ाई 1.20 मीटर पाई गई व अधिकतम गति 35.5 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। साथ ही वाहन पर निर्माता की प्लेट भी उपलब्ध नहीं पाई गई।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह अनियमितताएं निर्माता स्तर पर की गई है। इस संबंध में मोटर वाहन अधिनियम के तहत इंडियन मोटर्स फुलसुंगी गंगापुर रोड ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर के खिलाफ एक लाख का चालान किया गया। पीटीओ रमेशचंद्र प्रजापति ने बताया कि किसी भी वाहन में स्वीकृत निर्देश के क्रम में विपरीत संरचनात्मक परिवर्तन करना दंडनीय अपराध है।