आला हजरत के कुल के दौरान जिस तरह इस्लामिया मैदान के आसपास का पूरा इलाका जाम हो गया, ठीक उसी तरह करीब दो घंटे मोबाइल नेटवर्क भी जाम रहा। न ठीक से कॉल हो सकी और न ही इंटरनेट एक्सेस कर पाए। हजारों जायरीन तो सिर्फ इसलिए परेशान दिखे कि इंटरनेट ठीक से एक्सेस न होने की वजह से खुद को सोशल मीडिया पर लाइव नहीं कर पाए। इस्लामिया मैदान के आसपास का इलाका ही नहीं बल्कि नेटवर्क संबंधी समस्य पूरे शहर में रही। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में छात्रों के प्लेसमेंट के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू होना था पर अचानक इंटरनेट ठप होने से ऑफ लाइन परीक्षा कराई गई।
आला हजरत के कुल की रस्म वैसे तो अपराह्न 2:38 बजे अदा की गई पर बिहारीपुर ढाल से लेकर अयूब खां चौराहा, चौपुला, सेटेलाइट, रोडवेज के इलाके में हजारों की संख्या में जायरीन ही नजर आए। कुल से एक घंटा पहले संख्या कई लाख तक पहुंच गई थी। करीब एक बजे से इंटरनेट की स्पीड डगमगाने लगी। जिस गली से भी जुलूस की शक्ल में जायरीन जा रहे थे वे मोबाइल से वीडियो बनाकर आनलाइन कर रहे थे। उर्स स्थल पर भी ज्यादातर युवा मोबाइल हाथ में लिए वीडियो बनाने या सोशल मीडिया पर ऑनलाइन करने में जुटे थे। एक जगह हजारों की संख्या में मोबाइल यूजर पहुंचने से मोबाइल नेटवर्क ही जाम हो गया। सोशल मीडिया में जिनको लाइव होना था वे मलाल करते रह गए। यही समस्या पूरे शहर में रही। लोग इंटरनेट यूज करने के लिए परेशान रहे। करीब चार बजे इंटरनेट सेवाएं नॉर्मल हो सकीं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रो. डॉ. रविंद्र सिंह के अनुसार, इंटरनेट सर्विस प्रदाता इंटरनेट यूजर का पूल बनाता है। इसमें निर्धारित संख्या तक यूजर रहते हैं। अगर इसमें यूजर्स की संख्या बढ़ जाएगी तो इंटरनेट स्पीड अपने आप कम होती चली जाएगी और बहुत ज्यादा यूजर बढ़ गए तो इंटरनेट सेवा ठप भी हो सकती है। मोबाइल फ्रीक्वेंसी बैंड पर चलता है। एक ही जगह ज्यादा यूजर होने से मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो सकता है।