दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर नशे में टल्ली दूल्हे का पिता दरवाजे की रस्म के दौरान दूल्हे को उठाकर रात में ही बरात वापस ले गया। लड़की पक्ष को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने कुछ बरातियों को पकड़ लिया। सुबह दूल्हा और उसके पिता को बुलाया गया। शादी कराने के लिए कई घंटे थाने में पंचायत हुई। जब कोई नतीजा नहीं निकला तो दोनों पक्ष ने एक दूसरे का सामान और खर्च की भरपाई करने की बात पर रिश्ता तोड़ दिया।
बिशारतगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती की शादी दो माह पहले बदायूं के मोहल्ला मीरा सराय निवासी ओम प्रकाश के बेटे विकास के साथ तय हुई थी। ओमप्रकाश मूलरूप से शेखूपुर बदायूं के रहने वाले है। बरात आने से 15 दिन पहले लड़की के पिता ने बाइक देने की बात कही तो उन्होंने कह दिया कि बाइक उनके पास है, उनकी इच्छा है कि बहू कार में बैठकर आए। बुधवार को शाम बरात गांव आई। चढ़ने के बाद बरात दरवाजे पर पहुंची तो लड़की के पिता ने बाइक के नकद रुपये देते हुए कहा कि बाकी रुपये अपने पास से डालकर कार खरीद लेना, मेरी क्षमता नहीं है। बताते हैं कि नशे में टल्ली दूल्हे के पिता दूल्हे को चुपचाप बुलाकर वहां पहुंच गए, जहां बराती ठहराए गए थे। फिर बरातियों को बैठाकर बस भिजवा दी।
योजना के अनुसार दूल्हा लघुशंका का बहाना बनाकर वहां से खिसक लिया। काफी देर तक जब दूल्हा नहीं लौटा तो मालूम हुआ कि बरात वापस जा चुकी है। इस पर दुल्हन पक्ष में खलबली मच गई। लड़की पक्ष को दूल्हे का एक भाई सहित कुछ बराती मिल गए। उन्हें पकड़ लिया गया। सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिर सुबह 4 बजे किसी तरह दूल्हे को बुलाया गया, मगर पिता नहीं आया। मामला थाने पहुंचा तो 11 बजे दूल्हे का पिता पहुंचा। देर तक पंचायत चलने के बाद निर्णय हुआ कि लड़का पक्ष खर्च की भरपाई 1 लाख 83 हजार देकर करेगा। इसके बाद रिश्ता तोड़ दिया गया।