कोहरे के सीजन ने रेलवे की कमाई को ग्रहण लगा दिया है। केवल शाहजहांपुर, तिलहर, मीरानपुर कटरा और रोजा सेक्शन में रेलवे को यात्री किराए के रूप में रोजाना करीब 4.10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। कोहरा और शीतलहर के कारण रिजर्वेशन से यात्रा करने वालों के साथ दैनिक यात्रियों की संख्या में भी काफी कमी आई है। 30 से ज्यादा रेलगाड़ियां 15 फरवरी तक निरस्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा औसतन प्रतिदिन रोज दो रेलगाड़ियां निरस्त हो रही हैं। इसका सीधा असर रेलवे की कमाई पर हो रहा है।
शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन ए ग्रेड की श्रेणी में आता है। कोहरे के सीजन को छोड़ दें तो यहां से अप-डाउन रोजाना 105 रेलगाड़ियां गुजरती हैं। 80 से ज्यादा रेलगाड़ियों का शाहजहांपुर स्टेशन पर ठहराव होता है। प्रतिदिन 12 से 14 हजार यात्री यहां से सफर करते हैं। रेलवे में आमतौर पर 15 नवंबर से 15 फरवरी तक कोहरे का सीजन माना जाता है।
दिसंबर और जनवरी को कोहरे के लिहाज से संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में रेलवे ने शाहजहांपुर सेक्शन से होकर गुजरने वाली 30 से ज्यादा रेलगाड़ियों को दिसंबर के पहले सप्ताह में 15 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। इनमें कई फास्ट और सुपरफास्ट रेलगाड़ियां भी शामिल हैं। कोहरे और शीतलहर में यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। रिजर्वेशन कराने वालों की संख्या घटने के साथ दैनिक टिकट बिक्री भी आधी हो गई है। अनुमान के मुताबिक कोहरे के सीजन में रेलगाड़ियां निरस्त होने और यात्रियों की संख्या घटने से इस रेल सेक्शन को प्रतिदिन करीब 4.10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
रेलवे का फोकस सुरक्षा, संरक्षा के साथ यात्री सुविधाओं पर है। सर्दी और कोहरे के मौसम में रेल दुर्घटनाओं का खतरा भी रहता है। दृष्यता कम होने से रेलगाड़ियों के संचालन में दिक्कत होती है। ऐसे में रेलगाड़ियों को निरस्त किया गया है। यात्रियों की संख्या में भी काफी कमी आई है। औसतन कोहरे और शीतलहर के सीजन में प्रतिदिन चार लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो रहा है।
-ओमशिव अवस्थी, स्टेशन अधीक्षक