माॅडल टाउन, इंदिरानगर, जनकपुरी, आवास विकास कॉलोनी में रहा संकट, पुराने पाइप होने के कारण बांके बिहारी मंंदिर के सामने फटी लाइन
बरेली। पाइप लाइन फटने से शहर के चार वार्डों में 11 घंटे पानी आपूर्ति ठप रही। इसके चलते माॅडल टाउन, इंदिरानगर, जनकपुरी व आवास विकास राजेंद्रनगर के डेढ़ लाख से अधिक लोगों की रविवार की छुट्टी के दिन परेशान होना पड़ा। जलकल विभाग की टीम ने शाम को पाइप लाइन ठीक की, तब कहीं जाकर आपूर्ति बहाल हो सकी।
राजेंद्रनगर की आवास विकास कॉलोनी में जलकल की 30-40 साल पुरानी पाइप लाइन जर्जर हो गई है। बांके बिहारी मंदिर के निकट यही लाइन रविवार सुबह छह बजे फट गई। सड़क पर पानी ही पानी भर गया। मशीन लगवाकर पानी हटवाया गया। साथ ही आपूर्ति बंद कर गई। चूंकि यही पाइप लाइन तीन अन्य वार्डों माॅडल टाउन, इंदिरानगर व जनकपुरी में भी जाती है। इसलिए वहां भी इससे जलापूर्ति ठप हो गई।
पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अधिकारियों से बात की तब सुबह करीब साढ़े नौ बजे जलकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मरम्मत कार्य के लिए बिजली आपूर्ति भी बंद की गई। इसके बाद करीब ग्यारह बजे पाइप लाइन ठीक करने का काम शुरु हुआ। दिन भर काम चलने के बाद शाम करीब पांच बजे जलापूर्ति बहाल हो सकी। ऐसे में दिन भर लोग पानी-बिजली के लिए परेशान हुए।
फोन न उठने को लेकर विवाद
पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने कहा कि उन्होंने मौके से सुबह साढ़े दस बजे एसडीओ राजेंद्रनगर ओपी कुशवाहा को फोन कॉल की थी। कोशिश थी कि शटडाउन होने के बाद काम जल्द शुरू हो जाए, लेकिन काॅल रिसीव नहीं हुई तब अधिशासी अभियंता को कॉल की। इससे पाइप लाइन ठीक करने का काम देर से शुरू हो सका। वहीं, एसडीओ ओपी कुशवाहा ने कहा कि फोन न उठने का आरोप गलत है। इस संबंध में अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत कराएंगे।
छुट्टी खराब हो गई
आवास विकास कॉलोनी निवासी दीपांशुु सक्सेना ने कहा कि पानी न आने की से वजह से रविवार को वह नहा तक नहीं पाए। बिजली न होने से भी काम प्रभावित हुए और बच्चों की छुट्टी बर्बाद हो गई। इनवर्टर भी जवाब दे गया था।
जरूरी काम नहीं हो पाए -शिवम सैनी
आवास विकास कॉलोनी निवासी शिवम सैनी ने बताया कि उनकी दुकान के सामने ही पाइप लाइन फटी थी। इसे ठीक होने में पूरा दिन लग गया। नतीजा जरूरी काम नहीं हो पाए।
कोट..
लीकेज की वजह पुरानी पाइप लाइन का होना है। इंदिरानगर वार्ड में नई पाइप लाइन डाले जाने का प्रस्ताव जल निगम ने तैयार कर मुख्यालय भेजा है। मंजूरी के बाद काम शुरू होगा। तब तक कहीं पाइप लाइन फटती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा।
अजीत सिंह, जेई, जलकल विभाग।
अमर उजाला ब्यूरो