मकान मालकिन को नहीं थी धंधे की जानकारी
मुन्ने जिस घर में गोदाम संचालित कर रहा था वह एक विधवा का मकान है। पुलिस ने महिला से बातचीत की तो पता लगा कि दो हजार रुपये प्रतिमाह देकर मुन्ने ने गोदाम किराये पर लिया था। वह कहता था कि दवाएं ही यहां रखता है। ड्रग टीम ने जांच की तो पता लगा कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तो है पर गोदाम का कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है। सीओ प्रतिमा सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी की धारा में भी रिपोर्ट लिखी जाएगी।