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Bareilly News: शहर के बीच चल रहा था नशे की दवाओं का धंधा, एएनटीएफ टीम ने पकड़ा जखीरा

Tue, 20 Feb 2024 08:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

एएनटीएफ को किला क्रॉसिंग के पास स्थित किला मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की सूचना काफी समय से मिल रही थी। टीम ने सोमवार रात करीब आठ बजे स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल स्टोर और गोदाम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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बरेली में नई पीढ़ी की नसों में नशे का जहर घोलने का काम शहर के बीचों बीच किला इलाके में किया जा रहा था। एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स) की टीम ने सोमवार रात मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में लेकर प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं का जखीरा बरामद किया है। देर रात तक ड्रग विभाग की टीम बरामद माल की गिनती कर रही थी।
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एएनटीएफ को किला क्रॉसिंग के पास स्थित किला मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की सूचना काफी समय से मिल रही थी। टीम ने सोमवार रात करीब आठ बजे स्टोर पर छापा मारा। सीओ प्रतिमा सिंह व टीम प्रभारी विकास यादव की टीम ने पूछताछ की तो स्टोर संचालक मुन्ने अंसारी ने नियम-कानून बताकर प्रभाव में लेने की कोशिश की। 

घर में बना रखा था गोदाम 
टीम ने धमकियों को नजरंदाज करके स्टोर खंगाला तो प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा मिलने लगा। टीम आरोपी को लेकर उसके गांव सीबीगंज थाने के महेशपुर ठाकुरान पहुंची। वहां एक घर के बाहरी हिस्से में बने गोदाम में बेशुमार प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। करीब 250 पेटी कोडीन कफ सिरप मिला। एक पेटी में करीब सौ सिरप रखे थे। 
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साथ ही अल्प्राजोलम जैसी नींद व नशे के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं की सैकड़ों पेटियां रखी मिलीं। सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार व बबिता सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने दवाओं की गिनती व वीडियोग्राफी कराई। फिर दो पिकअप से बरामद माल को सीबीगंज थाने में सुरक्षित रखवा दिया गया।

किशोर और छात्र खरीदते थे सिरप
टीम को सूचना मिली थी कि नशे के लिए खांसी के सिरप कोडीन को बड़ी संख्या में किशोर व छात्र इस मेडिकल स्टोर से जाकर खरीदते हैं। दरअसल यह नशा इन्हें शराब के मुकाबले सस्ता पड़ता है लेकिन कफ सिरप की शरीर में जरूरत से ज्यादा मात्रा पहुंचने से नुकसान होता है। इसके साथ ही स्मैकिए व नशेड़ी यहां से प्रतिबंधित दवाएं खरीदते थे।

प्रेमनगर में भी दी दबिश
टीम ने जब कार्रवाई की तो स्टोर संचालक के मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन प्रेमनगर थाने के आसपास मिली। तब विकास यादव एक टीम लेकर प्रेमनगर पहुंचे। पता लगा कि वहां मुन्ने के भाई का मेडिकल स्टोर है। हालांकि वहां से बरामदगी नहीं हो सकी।
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मकान मालकिन को नहीं थी धंधे की जानकारी
मुन्ने जिस घर में गोदाम संचालित कर रहा था वह एक विधवा का मकान है। पुलिस ने महिला से बातचीत की तो पता लगा कि दो हजार रुपये प्रतिमाह देकर मुन्ने ने गोदाम किराये पर लिया था। वह कहता था कि दवाएं ही यहां रखता है। ड्रग टीम ने जांच की तो पता लगा कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तो है पर गोदाम का कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है। सीओ प्रतिमा सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी की धारा में भी रिपोर्ट लिखी जाएगी।
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