इसको कोई भी व्यक्ति कम रुपयों में प्रति ग्राम के छोटे से हिस्से को खरीदकर निवेश यात्रा शुरू कर सकता है। यह 24 कैरेट में उपलब्ध होता है और तरलता अधिक है। निवेशक स्मार्टफोन से कभी भी डिजिटल सोने को खरीद-बेच सकता है। मौजूदा बाजार दर पर बेचकर नकदी प्राप्त की जा सकती है।
वित्त विशेषज्ञ अखिल कुमार ने बताया कि पारंपरिक आभूषण आदि खरीदने पर ग्राहकों को मेकिंग चार्ज समेत अन्य अतिरिक्त शुल्क चुकाने पड़ते हैं, जिससे निवेश की लागत बढ़ जाती है। वहीं, डिजिटल गोल्ड में इससे सहूलियत मिलती है लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है। दामों में आई गिरावट के कारण सोने-चांदी में निवेश बढ़ गया है।
सावधानी से करें डिजिटल सोने में निवेश
- यह सेबी जैसी सरकारी संस्थाओं के दायरे में सीधे नहीं आता, जिससे कानूनी सुरक्षा कम मिलती है।
- इसमें तीन फीसदी जीएसटी और खरीदने-बेचने के दाम में अंतर की वजह से शुरुआत में नुकसान हो सकता है।
- डिजिटल सोने को घर मंगाने पर मेकिंग चार्ज और शिपिंग फीस बहुत ज्यादा चुकानी पड़ती है।
- कई प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल गोल्ड को पांच साल से ज्यादा रखने की अनुमति नहीं होती है।
- यदि आपका ऐप या प्लेटफॉर्म बंद हो जाए तो सोने को निकालने में परेशानी आ सकती है।