डरें नहीं, इस तरह कार्रवाई से बचें
डीएल नहीं होने पर वाहन चेकिंग और पुलिस से बचने के लिए लोग रास्ता बदल देते हैं। आरटीओ दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि डीएल के लिए आवेदन के बाद वाहन चेकिंग के दौरान आवेदक अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दिखा सकता है। जिन लोगों के लाइसेंस पोर्टल पर शो हो रहे हैं, वे इसे डिजिलॉकर में सुरक्षित कर सकते हैं। डिजीलॉकर में सुरक्षित लाइसेंस दिखाकर भी चालन की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
आरटीओ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थायी डीएल में इस्तेमाल होने वाली स्मार्टकार्ड की सप्लाई यूक्रेन से होती है। एक साल से इसकी सप्लाई बंद होने से लाइसेंस प्रिंट नहीं हो पा रहे। अप्रैल मध्य तक समस्या खत्म होने की उम्मीद है।