बेशक इस ड्रेस को पहन नहीं सकते, लेकिन जिस तरह से इसे बनाया गया है उसे देखकर आप भी इसके कायल हो जाएंगे। शहामतगंज स्थित आंचल कालोनी में रहने वाली राखी गुप्ता ने कोयले की ड्रेस बनाई है। उनका यह प्रयास रंग लाया और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया।
राखी गुप्ता ने इससे पहले मोम से बनी ड्रेस को बनाया था, जिसे भी लिम्का बुक रिकार्ड में दर्ज किया गया है। इस समय राखी दिल्ली में हैं। उन्होंने बताया कि 2 फीट छह इंच की पूरी ड्रेस कोयले से बनी है। इसमें कपड़े का प्रयोग नहीं किया गया है। कोयले को मोल्ड कर तार से जोड़ा गया है। 17.5 मीटर तार का प्रयोग पांच किलोग्राम कोयले को जोड़ने में किया गया। इस ड्रेस का वजन छह किलोग्राम है। राखी ने ड्रेस 29 अप्रैल को बनाना शुरू की और 14 मई 2016 को कंपलीट की। राखी कहती हैं कि उन्होंने अभी तक ड्रेस की कीमत का आंकलन नहीं किया है। उनको कुछ अलग बनाना था जिसके बारे में सिर्फ सोचा या सुना गया हो। इसलिए इस ड्रेस को बनाया।
- परिवार डॉक्टर खुद फैशन में
राखी के पिता डॉ. एससी गुप्ता मानसिक अस्पताल में चिकित्सक थे। अब वह रिटायर्ड हो चुके हैं। बहन दंत चिकित्सक है और भाई भी चिकित्सक है। मां गृहणी हैं। राखी कहती हैं कि पूरा परिवार चिकित्सा के क्षेत्र में है, लेकिन उनको कुछ अलग करना था।