फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: कार्रवाई के लिए पहुंची टीम पर छोड़ दिए खूंखार कुत्ते

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। गोलीकांड के आरोपी आदित्य उपाध्याय के सांवरिया रिसॉर्ट के ध्वस्तीकरण के लिए टीम पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं व अन्य लोगों ने उन पर खूंखार कुत्ते छोड़ दिए। वीडियो बनाते हुए टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इससे घबराई टीम ने बाहर खड़े अधिकारियों को सूचना दी।
विज्ञापन

सीओ तृत्तीय अनीता चौहान और नायब तहसीलदार विदित कुमार ने वहां मौजूद लोगों को हड़काया और कुत्तों पकड़कर ले जाने के लिए कहा। इस पर वहां मौजूद लोग कुत्तों को पकड़कर ले गए। इसके बाद कार्रवाई शुरू हो सकी। साढ़े छह घंटे तक बुलडोजर गरजते रहे। इस दौरान रिसॉर्ट के 70 फीसदी हिस्से को जमींदोज कर दिया गया।
कई नस्ल के कुत्ते पिंजरों में थे बंद
नायब तहसीलदार ने गोदाम में जाकर देखा तो वहां कुत्तों के कई पिंजरे थे। आरोपी आदित्य ने कई नस्लों के खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। वहां माैजूद कई युवक व युवतियों को सावधानी पूर्वक उन्हें हटाने के निर्देश दिए। एक-एक कर कुत्तों को बाहर निकाला गया। आरोपी आदित्य वन्यजीवों को पालने का भी शौकीन है। पुलिस की जांच में पता लगा है कि जहरीले सांपों को पकड़ने के लिए आरोपी सप्ताह में एक दिन जंगल में जाता था। हालांकि, पुलिस को उसके यहां से कोई भी सांप या अन्य वन्यजीव बरामद नहीं हुआ है।
विज्ञापन


कृषि भूमि पर आरोपी ने बनाया था रिसॉर्ट, घंटो के हिसाब से देता था कमरे
बरेली। पीलीभीत बाइपास पर हुए बवाल के आरोपी आदित्य उपाध्याय के सांवरिया रिसॉर्ट पर साढ़े छह घंटे तक पोकलेन मशीनें गरजती रहीं। बीच में बेल्ट टूटने से कुछ देर के लिए कार्रवाई बाधित भी हुई। शाम सात बजे तक ध्वस्तीकरण पूरा हो सका। अधिकारियों के मुताबिक सांवरिया रिसॉर्ट को कृषि भूमि पर बनाया गया था। आसपास के लोगों ने वहां मौजूद अधिकारियों को बताया कि इस रिसॉर्ट की वजह से उन्हें काफी परेशानी होती थी। इससे माहौल खराब हो रहा था। आरोपी घंटों के हिसाब से कमरे देता था।
शिव मंदिर को बचाने में हुई देरी

शुरुआत में बीडीए की टीम ने रिसॉर्ट के बगल में बने गोदाम की बिल्डिंग काे दो घंटे में ही दबा दिया। इसके बाद इन दोनों के बीच में स्थित महादेव मंदिर को बचाने के लिए कुछ देर तक काम रोकना पड़ा। भगवान शिव की मूर्ति को वहां से हटाने के विकल्प पर भी विचार किया गया। इस पर आपत्ति की आशंका को देखते हुए अभियंताओं ने पोकलेन मशीन के संचालकों से बात की। इस दौरान 30 मिनट तक काम रुका रहा। इसके बाद पीछे की ओर से रिसॉर्ट का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। शाम 4:45 बजे पोकलेन मशीन की बेल्ट टूटने से एक घंटे तक कार्रवाई रुकी रही। एक घंटे बाद दूसरी बेल्ट आने पर काम शुरू हो सका। शाम सात बजे तक कार्रवाई पूरी हुई।
बिना लाइसेंस के चलता था हुक्का बार
आदित्य उपाध्याय की मां मीरा शर्मा सेवानिवृत निरीक्षक हैं। उनके नाम पर ही यह रिसॉर्ट संचालित हो रहा था। हालांकि, इसका संचालन आदित्य व उसका बेटा अविरल ही करते थे। कार्रवाई से पहले टीम ने इसे खाली करवाया तो पता चला कि आरोपी इसके निचले हिस्से में बिना लाइसेंस के ही हुक्का बार चलाता था। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें