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Bareilly News: युवक की मौत के बाद जागा नगर निगम, पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से ढके जाएंगे शहर के नाले

Mon, 30 Mar 2026 05:37 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में सेटेलाइट बस अड्डे पर नाले में गिरकर युवक की मौत के बाद नगर निगम की नींद टूटी है। अब शहर में खुले नालों को ढका जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने योजना बना ली है। 
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सेटेलाइट नाले पर डाला गया स्लैब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में सेटेलाइट बस अड्डे पर नाले में गिरकर युवक की मौत के बाद नगर निगम ने शहर के गहरे नालों को ढकने की योजना बना ली है। इस पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में राजीव कॉलोनी में बने नाले को करीब चार करोड़ रुपये की लागत से ढका जाएगा। फिलहाल, गहरे नालों के पास रेलिंग व संकेतक लगाए जा रहे हैं।

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अमर उजाला ने रविवार के अंक में शहर के खुले नालों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगर निगम में नालों पर स्लैब डालने की योजना बनाई है। पहले चरण में सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी में बने नाले को ढकने का काम जल्द शुरू होगा। निगम के अनुसार शहर में 20 गहरे नाले खुले हुए हैं। यहां हादसे होते रहते हैं। इनको ढकने के लिए 450 से 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पार्षद भी उठा रहे आवाज
निगम की बैठक में पार्षद लगातार अपने-अपने वार्ड में बने गहरे नालों को ढकने प कम गहरे नालों पर रेलिंग लगवाने की मांग कर रहे हैं। पार्षद शमीम अहमद ने बताया कि बानखाना नाले को ढकवाने का मुद्दा वह कई बार उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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दस साल में तीन लोगों को हो चुकी है मौत 
बीते 10 साल में इस नाले में गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि शहर के किसी भी नाले पर संकेतक नहीं लगे हैं। इधर, निगम का दावा है कि शहर के 40 से  अधिक नालों पर रेलिंग व संकेतक लगाए जा रहे हैं। कई नालों पर संकेतक लगा भी दिए गए हैं। 

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जहां हादसा हुआ, वहां डाला गया स्लैब
सेटेलाइट पर नाले में गिरकर युवक की मौत और फजीहत के बाद रविवार को वहां स्लैब डाला गया। अब नगर निगम वहां बने जंक्शन बॉक्स व पुलिस चौकी के पीछे नाले के ऊपर लोहे के जाल लगवाकर कवर कराएगा, ताकि दोबारा वहां कोई हादसा न हो सके। सफाई के लिए उसे खोलने की व्यवस्था रहेगी। सफाई के बाद उसे फिर बंद कर दिया जाएगा। सेटेलाइट पर बने नाले में शाहजहांपुर रोड, पीलीभीत रोड और सिविल लाइंस की ओर से पानी आता है। इसलिए इसे जंक्शन बॉक्स कहा जाता है। 

तीन जगह का पानी आने से सेटेलाइट नाले का बहाव भी तेज रहता है। नौ फुट गहरे नाले का बॉक्स खुला होने से खतरे का अंदेशा बना रहता है। बदबू से आसपास से लोग परेशान होते हैं। निगम के अनुसार, श्रमिकों ने जंक्शन बाक्स के पास तोड़े गए स्लैब पर जाल बिछाकर रविवार को उसमें मसाला भर दिया। सभी स्लैब पड़ जाने के बाद दूसरी ओर भी डेढ़ फुट ऊंची सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। 

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि राजीव कॉलोनी वाले नाले को चार करोड़ की लागत से ढका जाएगा। शहर के अन्य नालों को ढकने के लिए भी योजना बनाई जा रही है।
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