बरेली। बारिश से पहले शहर में नाला सफाई कार्य कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि शहर में अधिकांश जगहों पर नालों पर स्लैब डालकर कब्जा कर लिया गया। यहां कोई होटल चला रहा है तो कोई बाइक मरम्मत की दुकान। जब तक स्लैब नहीं हटेंगे, तब तक नाला साफ नहीं हो सकता।
शहर में छोटे-बड़े 250 से ज्यादा नाले हैं। नालों की सफाई न होने के कारण बारिश में शहर में जलभराव हो जाता है। जलभराव की असली वजह नालों की तलीझाड़ सफाई न होना है। इसके पीछे की वजह यह है कि नालों में पर अधिकांश जगह स्लैब डालकर कब्जा कर लिया गया है। यहां लोगों ने कारोबार करना शुरू कर दिया है। जंक्शन रोड नाले की सफाई लंबे अर्से से नहीं हुई है। इस नाले के ऊपर स्लैब पड़ा है। यहां होटल चल रहा है। थोड़ा से आगे बढ़ेंगे तो खोखे आदि रखे मिलेंगे। मालगोदाम रोड पर तो नालों पर पक्के स्लैब डाल दिए गए हैं।
सुभाषनगर पुलिया से थाने की तरफ बढ़ेंगे तो यहां भी नाले पर स्लैब डालकर कारोबार किया जा रहा है। सिंधु नगर के पास नाले पर स्लैब डालकर इसे बंद कर दिया गया है। कोहाड़ापीर रोड पर सड़क किनारे नालों पर स्लैब डालकर दुकानें सजा ली गई है। इंदिरा नगर के पार्षद सतीश कातिब उर्फ मम्मा का हाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह नगर आयुक्त से नाले-नालियों पर किए गए अतिक्रमण को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। वीडियो में वह सोमवार को अधिकारियों से मिलने की बात भी कह रहे हैं।
बारिश से पहले शहर के सभी नालों की सफाई करवा दी जाएगी। टीमें बनाकर नालों की सफाई की जा रही है। जहां स्लैब पड़े हैं, उसके बारे में अधिकारियों से बात करके निर्णय लिया जाएगा। -भानु प्रकाश सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी