बरेली। अफसरों की चेतावनी के बाद भी शहर के नाले साफ नहीं हुए। बुधवार को झमाझम बारिश हुई तो पॉश इलाकों में भी जलभराव हो गया। सड़कों पर जलभराव की वजह से आवागमन में लोगों को खासी परेशानी हुई। जलनिकासी के लिए जगह-जगह लगाए गए पंपसेट भी नहीं चल रहे हैं। निचले इलाकों में लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी घुस रहा है।
शहर के 29 बड़े नालों की सफाई के लिए दो करोड़ के टेंडर हुए हैं। इसके बाद भी बारिश होने पर शहर में तालाब जैसा नजारा दिख रहा है। नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान जल्द नालों की सफाई नहीं होने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी स्थिति जस की तस है। सुभाषनगर, मलूकपुर, हजियापुर समेत पॉश इलाके मॉडल टाउन, डीडीपुरम तक में लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे।
पुराने शहर के सूफी टोला, रबड़ी टोला, घेर जाफर खां में जलभराव हुआ। हजियापुर में लोगों के घरों में पानी भर गया। यहां हर साल निगम के दावे फेल हो जाते हैं। पुराने शहर में कई इलाकों में मेन सड़क मोहल्लों की सड़क से ऊंची बनाई गई है। इस वजह से भी जलभराव हो रहा है।
सोमवार को निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सुभाषनगर नाले की सफाई के निर्देश देते हुए पंपसेट से पानी निकालने को कहा था। इसके बाद पंपसेट लाकर वहां रख दिया गया। मैनहोल तक उसके पाइप भी फैला दिया गया, लेकिन उसे चलाया नहीं गया। दो दिन से पंपसेट ऐसे ही पड़ा है। इस वजह से वहां जलभराव हो रहा है।
शाति विहार में भी नालों की साफ-सफाई नहीं हुई है। वहां जलभराव की वजह से कई जगह सड़क धंस गई है। मढ़ीनाथ, अनुपम नगर इलाके में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मलूकपुर क्षेत्र में लोग जलभराव व कीचड़ की वजह से परेशान हैं। घेर शेख मिट्ठू, सौदागरान आदि इलाकों में जलभराव और कीचड़ की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी।
जलभराव की शिकायतों पर बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स और सिटी मजिस्ट्रेट राजीव कुमार शुक्ला के साथ सुभाषनगर व मढ़ीनाथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। वहां के लोगों व निगम के अधिकारियों से जलभराव का कारण पूछा और स्थायी समाधान के निर्देश दिए। मढ़ीनाथ मंदिर के आसपास स्लैब हटाकर नालों की सफाई कराने और सड़क को ऊंचा करने के निर्देश दिए। सुभाषनगर पुलिया पर जलभराव से निजात के लिए रेलवे के अधिकारियों से समन्वय बनाकर समाधान निकालने के लिए कहा है। सड़कों की खराब हालत और जलभराव को देख उन्होंने निगम के निर्माण विभाग को कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम ने बीसलपुर रोड, बनखंडीनाथ मंदिर रोड का भी निरीक्षण किया।
पेड़ गिरने से सड़क जाम होने, जलभराव होने आदि की जांच कर सूची बनाने के निर्देश तहसीलदार और एसडीएम को दिए। कांवड़ यात्रा के रूट को भी दुरुस्त कराने की हिदायत दी। बारिश में जान-माल का नुकसान होने पर त्वरित राहत पहुंचाने की भी बात कही।