पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह
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रेलवे बोर्ड की न को हां में बदलकर प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह बरेली मंडल से जुड़ गए थे। बरेली से पीलीभीत होते हुए लखनऊ और शाहजहांपुर से पीलीभीत तक के रेलवे ट्रैक को मीटरगेज से ब्राडगेज में बदलवाने के प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड ने खारिज कर दिया था। संसद में भी सरकार की न हो गई थी, लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह ही थे जिन्होंने रेलवे ट्रैक बदलवाने के प्रस्ताव को मंजूर कराया था।
किसान नेता वीएम सिंह बताते हैं कि 2007 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव थे और वह पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। केंद्र की सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री। रेलवे ट्रैक में परिवर्तन के लिए वीएम सिंह ने सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी। सोनिया गांधी ने हस्तक्षेप किया और रेल बजट में ट्रैक बदलने के प्रस्ताव शामिल हुए।
वीएम सिंह के आग्रह पर तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 15 अप्रैल 2007 को पीलीभीत के पूरनपुर तक आए। पूरनपुर के माल गोदाम मैदान में उन्होंने दोनों ट्रैक के चौड़ीकरण एलान किया। मई 2007 में बजट जारी कराना था, लेकिन तमाम अड़चनें में ट्रैक बदलने का काम अटक गया था। इसलिए इसमें वर्षोें लग गए।