फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाघिन की ‘मांद’ में घुसे दर्जनों ग्रामीण, अफसरों की सूझबूझ से बची जान

विज्ञापन
कैमरे में कैद हुई बाघिन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

शुक्रवार को बाघिन के पकड़े जाने की अफवाह पर रबर फैक्टरी में संवेदनशील जगह पर पहुंचे थे ग्रामीण

बरेली। रबर फैक्ट्री में पिछले कई दिनों से डेरा जमाए बाघिन को पकड़ने की तमाम कोशिशें नाकाम हो रही हैं। मगर, शुक्रवार को खुराफातियों ने बाघिन के पकड़े जाने की अफवाह उड़ा दी। इसे सच मानकर आसपास के दर्जन भर से ज्यादा ग्रामीण रबर फैक्टरी के उस स्थान पर पहुंचे जहां बाघिन ने डेरा जमा रखा है। इसकी सूचना मिलते ही अफसर सन्न रह गए। आनन-फानन में उन्होंने ग्रामीणों को फैक्टरी के बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित करने लगे। लोगोें को बचाने के लिए दौैड़े वन दरोगा गिरकर जख्मी भी हो गए।
विज्ञापन

रबर फैक्टरी के जंगल में बाघिन होने की पुष्टि के बाद शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन सरंक्षक राजीव गर्ग भी पहुंच गए। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पहुंचे गर्ग ने अफसरों से ऑपरेशन की जानकारी ली। कानपुर के पशुचिकित्साधिकारी आरके सिंह और डब्ल्यूटीआई के डॉक्टर दक्ष गंगवार ने अब तक हुई गतिविधियों की जानकारी दी। बताया कि बुधवार को दो पिंजड़े और गुरुवार को एक बड़ा पिंजड़ा लगाया गया। बाघिन पिंजड़े के पास तो आई लेकिन उसने पिजड़े में बंधे शिकार को अपना निवाला नहीं बनाया। साथ ही, लगातार अपनी लोकेशन बदल रही है। इसे देखते हुए जिन क्षेत्रों में बाघिन होने की आशंका है, उन्हें सील कर दिया गया है। मुख्य वन संरक्षक ने अगले चार से पांच दिनों तक बाघिन के क्षेत्र को छोड़कर, उन स्थान को ट्रेस करने को कहा है, जहां वह लगातार चहलकदमी कर रही है।

पुलिस ने बंद कराई पतंग प्रतियोगिता

रबर फैक्टरी के खाली पड़े जंगल में बाघिन के क्षेत्र से कुछ दूरी पर कई दिन से पतंगबाजों के बीच प्रतियोगिता चल रही थी। ऐसे में प्रतिभागियों पर बाघिन के हमले की आशंका के चलते रेंजर अमित कुमार ने एसडीएम को सूचना दी। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने प्रतियोगिता को बंद करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें