बरेली। सेंट्रल जेल में बंद माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव को सोमवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया। करीब आधा घंटा तक ओपीडी में उसकी जांच की गई। इस दौरान सामान्य मरीजों को ओपीडी से बाहर निकाल दिया गया।
डॉन ओमप्रकाश उर्फ बबलू श्रीवास्तव ने जेल प्रशासन से पेट की दिक्कत, आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत की थी। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया था। सेंट्रल जेल प्रशासन के अनुरोध पर जिला अस्पताल ने इसके लिए सोमवार सुबह नौ बजे का समय दिया था, लेकिन पुलिस उसे पूर्वाह्न करीब 11: 30 बजे जिला अस्पताल अस्पताल लेकर पहुंची। इस दौरान सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली हिमांशु निगम और पुलिस लाइन का फोर्स उसकी सुरक्षा में तैनात रहा। उसके सीने का एक्स-रे, आंख, डायबिटीज और खून की जांच की गईं।
मरीजों को बाहर करके हुईं डॉन की जांचें
डॉन बबलू श्रीवास्तव जब जिला अस्पताल पहुंचा तो ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ थी। मगर पुुलिस ने सभी मरीजों और उनके तीमारदारों को ओपीडी से निकाल दिया। इसके बाद वहां पर बबलू की जांचें की गईं। उसके जाने के बाद ओपीडी दोबारा शुरू की गई। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि डॉन को रूटीन स्वास्थ्य जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था।
1999 से बंद है डॉन बबलू
माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव वर्ष 1999 से सेंट्रल जेल में बंद है। उसके साथी मंगेश और कमल सैनी भी सेंट्रल जेल में बंद हैं। बताया जाता है कि बबलू श्रीवास्तव पहले अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी था लेकिन मुंबई ब्लास्ट के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए।
बबलू श्रीवास्तव को जेल से जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। उसका एक्स-रे और आंख की जांचें की गई हैं। खून के सैंपल भी लिए गए हैं।
- डॉ. सुबोध शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल