अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मौजूद शहरवासी
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लोगों ने साझा की समस्या
संगीतकार गुरुदीप सिंह ने बताया कि किसी व्यक्ति ने अगर सड़क पर कूड़ा फेंक दिया तो सफाई कर्मचारी कहते हैं कि नगर पालिका से कहलवाएं, तब उठाएंगे। स्ट्रीट लाइट में ऑन-ऑफ की ऑटोमेटिक व्यवस्था न होने पर दिन में भी ये जलती रहती हैं। टैग लगे छुट्टा पशु भी सड़क पर घूम रहे हैं। दरवाजे पर गोबर कर रहे हैं।
सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर अरुण शर्मा ने कहा कि अमर उजाला की तरफ से समस्या को सुना जा रहा है, वहीं अधिकारी हमारी सुनते तक नहीं हैं। इससे हमारी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों को चाहिए कि वे लोगों के बीच आकर उनकी परेशानी पर ध्यान दें।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि सड़क पर कुत्तों की तरह बंदर भी झपट्टा मारते हैं। कुछ जगहों पर तो लोगों ने अपने पालतू कुत्ते तक सड़क पर छोड़ दिए हैं। नगर निगम और वन विभाग को चाहिए कि कुत्तों और बंदरों की पकड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाए।
रामपुर बाग के पार्षद राजेश अग्रवाल ने बताया कि राम वाटिका, खुर्रम गोटिया में पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। आवास विकास परिषद की कॉलोनी में सीवर की निकासी अच्छी न होने से लोगों के घरों में गंदा पानी भर जाता है। सीएम ग्रिड से सड़कें बनाकर सकरी करते जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। एजेंसी के जरिए सफाई से व्यवस्था चौपट होती जा रही है।
इन्होंने गिनाई अपनी समस्याएं
सबा खान, तुबा अहमद, श्वेता शर्मा, रागिनी अग्रवाल, कंचन शर्मा, शिक्षक रवि शर्मा, डॉ. सत्येंद्र पाल, सुधीर मित्तल जैन, हरिशंकर अग्रवाल आदि ने अपनी समस्याएं गिनाईं।