बरेली। भमोरा के संतोष शर्मा हत्याकांड में आरोपी पुलिसकर्मियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी चल रही है। इस बीच संतोष शर्मा का इलाज करने वाले डॉक्टर की रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर पाया गया है। इसमें संदेह का लाभ आरोपियों को मिल सकता है।
भमोरा थाना क्षेत्र के आलमपुर जाफराबाद में दिवाली के दिनों में जुआ पकड़ने गई पुलिस टीम पर किसान संतोष शर्मा की पीटकर हत्या करने का आरोप लगा था। इसमें आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर 10 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की चोट को मौत की वजह बताया गया था। मरने से पहले दो दिन तक संतोष शर्मा का रामपुर गार्डन के निजी अस्पताल में इलाज हुआ था।
सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर के इलाज के पर्चों व रिपोर्ट में शरीर पर अन्य व अंदरूनी चोटों का तो जिक्र है, पर सिर की चोट को लेकर कहीं जिक्र नहीं किया गया है। इसके अलावा सिर में खून का थक्का (क्लोटिंग) का जिक्र जरूर किया है। एसएसपी ने दोनों रिपोर्ट में विरोधाभास के चलते इन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजा। वहां विशेषज्ञों ने इस पर मंथन किया। इसमें सिर की चोट को मौत की वजह नहीं माना गया।
इन पर कसा है शिकंजा
चौकी इंचार्ज सरदार नगर एसआई टिंकू कुमार, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र राणा, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल सत्यजीत सिंह, कांस्टेबल मोहित कुमार आरोपी हैं। बाद में एसआई नेपाल सिंह को भी निलंबित कर आरोपी मान लिया गया था। सभी फरार हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस इनकी 82 की कार्रवाई कर चुकी है।
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आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर की जांच रिपोर्ट में अंतर के बाद फॉरेंसिक लैब से रिपोर्ट मंगाई गई है। इसमें सिर की चोट से मौत का जिक्र नहीं है। हालांकि पुलिस इसे हत्या का ही मामला मानकर चार्जशीट लगाएगी। आरोपियों की संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। - सुशील घुले, एसएसपी