बरेली। आरोग्य मेला में डॉक्टरों की लेटलतीफी और दवाओं की कमी से कई बार मरीजों को परेशान होना पड़ता था। जांच किट और वैक्सीन उपलब्ध न होने से भी उन्हें दूसरे केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते थे। अमर उजाला की टीम ने लगातार कई रविवार को इस मामले की पड़ताल की और प्रमुखता से प्रकाशित किया। सीएमओ ने संज्ञान लेकर चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब किया और व्यवस्था दुरुस्त कराई।
रविवार को अमर उजाला की टीम ने व्यवस्था का जायजा लिया तो बानखाना, सुभाषनगर, इज्जतनगर वसंत विहार, मढ़ीनाथ, स्वालेनगर, जगतपुर में डॉक्टर मुस्तैद मिले। दवाओं की उपलब्धता रही और जांच किट समेत बच्चों को लगने वाली दस अलग-अलग वैक्सीन भी उपलब्ध थीं। कुछ केंद्रों पर वैक्सीन और जांच किट कम हो गई थीं, जिन्हें उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा था।
मौलानगर में भी तैनात हुए डॉक्टर, स्टाफ
कई माह से खाली पड़े मौलानगर यूपीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती कर दी है, जो जल्द कार्यभार संभालेंगे। फिलहाल बानखाना केंद्र के डॉ. वीजेंद्र प्रभार संभाल रहे हैं। अब तक एक एनएमएम, एक स्टाफ नर्स के भरोसे चल रहे केंद्र पर अब दो और एएनएम और एक स्टाफ नर्स समेत अन्य जरूरी मानव संसाधन की तैनाती कर दी गई है।
वायरल और त्वचा रोग के मरीज सर्वाधिक
बानखाना यूपीएचसी प्रभारी ने सर्दी-जुकाम, बुखार समेत अन्य वायरल रोगों से ग्रसित मरीजों के ज्यादा आने की जानकारी दी। स्वालेनगर केंद्र प्रभारी डॉ. रफील खान ने त्वचा रोग संबंधी, इज्जतनगर केंद्र प्रभारी डॉ. सहबान अली ने वायरल और त्वचा रोग संबंधी ज्यादा मरीज आने की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि रविवार को 71 केंद्रों पर करीब तीन हजार मरीज देखे गए, दवाएं दी गईं।