कोविड वैक्सीनेशन का हार्ट अटैक से कोई जुड़ाव नहीं
डॉ. कार्तिकेय ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट से आकस्मिक मौत की वजह कोविड वैक्सीनेशन माना गया। दुनिया भर में शोध में अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई। सुझाव दिया कि अव्यवस्थित जीवनशैली, दूषित खानपान, नमक, चीनी ज्यादा सेवन, नशे की लत, योग-व्यायाम से दूरी, मोटापा, बीपी, शुगर मरीजों में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इनसे बचें। बच्चों को ज्यादा तला-भुना भोजन न कराएं।
रिश्तेदारी में शादी से बढ़ती है हृदय रोग की आशंका
पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिसरी के मुताबिक रिश्तेदारी या एक ही गोत्र में विवाह से हृदय रोग की आशंका बढ़ती है। इस पर अंकुश लगने से काफी हद तक रोकथाम की आशंका रहती है। कहा कि अगर गर्भवती स्वस्थ है तो बच्चे भी सेहतमंद होंगे। इसलिए गर्भावस्था में सेहत पर ध्यान देना चाहिए। बोले, हृदय रोग के इलाज में संसाधन बढ़ रहे हैं। वॉल रिपेयर के बजाय आधुनिक तकनीकी से वॉल रिप्लेसमेंट किया जा रहा है। बशर्ते मरीज समय से ट्रैक हो और उसके इलाज में देरी न हो।
काफी देर तक जुबान लड़खड़ाए तो लकवा की आशंका
साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप सरन ने हृदय रोग संबंधी वजह और बचाव के उपाय बताए। न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. विनय गोयल ने कहा कि ब्लड प्रेशर, शुगर, तंबाकू, शराब का अधिक सेवन स्ट्रोक की बड़ी वजह है। जुबान लड़खड़ाना या हाथ उठने में दिक्कत हो तो शुरुआती चार घंटे में थंब्रोलिटिक इलाज से रिकवरी हो सकती है। डॉ. प्रवीण चंद्रा ने एंजियोप्लास्टी, लेजर तकनीकी के बारे में बताया।