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अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, दो बच्चे मर गए

Sun, 11 Sep 2016 01:32 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार रात बिना डॉक्टर के स्टाफ ने डिलीवरी की तो दो बच्चों की मौत हो गई। खींचतान से प्रसूताओं की भी जान पर बन आई। एक प्रसूता तो रात भर कमरे में तड़पती रही और स्टाफ का कोई सदस्य उसकी हालत देखने तक नहीं आया। तीनों के परिवार के लोगों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएचसी अधीक्षक को शनिवार शाम तक दो बच्चों की मौत की जानकारी नहीं थी। वह यह भी बता रहे हैं कि रात में अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं रहतीं। वहीं, एसडीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।    
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फतेहगंज पूर्वी के राजवीर की पत्नी लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार रात डेढ़ बजे फरीदपुर सीएचसी लाया गया। स्टाफ ने डिलीवरी के प्रयास शुरू किए। परिवारवालों का आरोप है कि पहले बच्चे को उल्टा बताया और फिर बच्चे से खींचतान शुरू कर दी। आधा बच्चा आने के बाद स्टाफ ने कहा कि बरेली ले जाओ। इस पर परिवार ने हंगामा शुरू किया। उनका कहना था कि अब बरेली ले ग, तो प्रसूता की भी जान चली जाएगी। बाद में बच्चे की मौत हो गई। 
फतेहगंज पूर्वी के ही बंडिया खुर्द निवासी ओमपाल की पत्नी सोनकली की भी शुक्रवार रात करीब आठ बजे डिलीवरी हुई। घरवालों के मुताबिक बच्चे ने सांस ली। अचानक हालत बिगड़ते ही स्टाफ ने बच्चे को मशीन में रखने की सलाह दे दी। इसके बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। घरवालों ने हंगामा किया तो स्टाफ का कहना था कि बच्चा मरा हुआ ही पैदा हुआ। घरवाले तर्क दे रहे थे कि बच्चा मरा हुआ था तो नार्मल डिलीवरी कैसे हो गई? सोनकली रात भर मृत बच्चे के साथ फर्श पर लेटी रही और स्टाफ चला गया। 
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उधर, फतेहगंज पूर्वी के ही गांव मलूकापुर निवासी सुभाष यादव का कहना था कि उनकी पत्नी प्रवेशिका की तबियत रात करीब साढे़ 11 बजे खराब हुई तो सीएचसी लाए। सुभाष का आरोप है कि पत्नी को काफी दर्द हो रहा था और स्टाफ नर्स ने साफ कह दिया कि अभी जाओ, सुबह आना। स्टाफ ने अपने कमरे की किवाडे़ बंद कर लीं। उनकी पत्नी तड़पती रही। 

वर्जन
मेरे संज्ञान में मामला आया है, इसकी जांच कराई जाएगी। कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी होगा तो उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। 
- पुष्पा देवरार, एसडीएम 

मैंने सुबह दस बजे अस्पताल का राउंड लिया था। किसी ने मुझे दो बच्चे मरने की सूचना नहीं दी। मैं जानकारी करूंगा। रात में सीएचसी पर कोई महिला डाक्टर नहीं रहतीं, स्टाफ नर्स ही डिलीवरी कराती हैं।
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- एए अंसारी, सीएचसी 
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