आयुष डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति देने का विरोध
सिर्फ आपातकालीन सेवाएं रखीं चालू
बरेली। आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी के लिए तीन वर्ष के एमएस कोर्स की छूट देने के विरोध में शुक्रवार को आईएमए के आह्वान पर निजी डॉक्टरों ने दिनभर ओपीडी बंद रखीं। इस दौरान मरीज अस्पतालों के चक्कर काटते रखे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गईं। केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में डॉक्टरों ने रैली भी निकाली।
आईएमए ने आयुष डॉक्टरों को सर्जरी की छूट देने के विरोध में शुक्रवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ओपीडी बंद रखकर हड़ताल पर रहने की घोषणा की थी। आईएमए से जुड़े डॉक्टर शुक्रवार को ओपीडी बंद रखकर पूर्वान्ह 11 बजे आईएमए परिसर में एकत्र हुए। यहां से केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में नारेबाजी करते हुए चौकी चौराहे तक रैली निकाली। इसके बाद आईएमए भवन लौट आए। इस मौके पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मनोज अग्रवाल ने कहा कि सरकार का आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की छूट देने का फैसला चिकित्सा व्यवस्था के लिए बेहद घातक है। इससे इलाज में खिचड़ी व्यवस्था लागू हो जाएगी, जो समाज के लिए खतरनाक साबित होगी।
आईएमए के सचिव डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि आंदोलन के प्रथम चरण में डॉक्टरों ने इस फैसले के विरोध में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ओपीडी बंद रखी हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गईं। कोरोना संक्रमितों का भी इलाज किया गया। अगर सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा। रैली में डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. कोमल कक्कड़, डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. अजय भारती, डॉ. धर्मेंद्र नाथ आदि शामिल रहे।