अगर बदले व्यवहार तो कराएं प्रशिक्षित
विभु के मुताबिक हिंसक या सामान्य नस्ल कोई भी प्रजाति हो, अगर कुत्ते के व्यवहार में परिवर्तन दिखे तो उसे नजरंदाज न करें। वह हमला करे, भौंके या घर के कपड़े, परदे या दरवाजे पर पंजा मारे तो उसको प्रशिक्षित कराएं। आमतौर पर चार माह की आयु में ही परिवर्तन दिखने लगता है। तभी अच्छे ट्रेनर से उसे ट्रेंड कराया जाए तो बेहतर रहता है। आठ माह की आयु पूरी होने के बाद व्यवहार और ज्यादा आक्रामक हो सकता है।
लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड की मांग सर्वाधिक
डॉग ब्रीडर के मुताबिक घरों में पालने के लिए लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बीगल, गोल्डन रिट्रीवर और पामेरियन ब्रीड की सबसे ज्यादा मांग रहती है। ये आक्रामक नहीं होते हैं। इनसे घर के बुजुर्गों और बच्चों को कोई खतरा नहीं होता है। लैब्राडोर सूंघने की अपनी विशिष्ट क्षमता की वजह से पुलिस और सेना के भी अंग बनते हैं। जर्मन शेफर्ड अपने सौम्य व्यवहार और पालने वालों के प्रति समर्पण की वजह से पसंद किए जाते हैं।
लक्षण से पहचानें और खुद को बचाएं
कुत्ते का शरीर और कान आगे आएं तो सतर्क हो जाएं। झपट्टा मारने के लिए कुत्ते आगे की ओर झुकते हैं। पट्टे से बंधा हो और किसी पर झपटने के लिए आगे बढ़े तो पट्टे को कसकर पकड़ें। अचानक ऊपर चढ़ने लगे तो भागे नहीं, पैर या कपड़े पकड़ने की कोशिश करे तब भी न भागें, बल्कि खुद को बचाने की कोशिश करें। अगर पास में पानी हो तो कुत्ते पर फेंकें। ज्यादा आक्रामक हो जाए तो उसके जबड़े पर वार करें।