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खाना दिया न दवाएं.. संक्रमित बताकर मेरी मां को मार डाला

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corona virus - फोटो : sociol media
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पैरालाइसिस होने के बाद भर्ती कराया गया था नवाबगंज की बुजुर्ग महिला को
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कोविड एल- 2 अस्पताल के खिलाफ शासन में शिकायत, कार्रवाई की मांग

बरेली। कोविड अस्पतालों पर लगातार सामान्य मरीजों को कोरोना संक्रमित बताकर मोटी फीस वसूलने और इलाज में लापरवाही के आरोप लग रहे हैं लेकिन न स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर रहा है न खुद अस्पताल स्थिति साफ कर रहे हैं। दो दिन पहले दम तोड़ने वाली नवाबगंज की बुजुर्ग महिला के बेटे ने भी कोविड एल- 2 अस्पताल के खिलाफ शासन में शिकायत की है कि उसकी मां को पैरालाइसिस हुआ था जिसके बाद संक्रमित बताकर कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया। दवाओं के साथ और खाना तक न दिए जाने से उनकी मौत हो गई।
नवाबगंज की गुलशन नगर कॉलोनी के ओल्ड ब्लॉक में रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बेटे के मुताबिक पांच दिन पहले उसकी मां मथुरा गई थीं जहां अचानक गिरने से चोट लगी और शरीर के बाएं हिस्से पर पक्षाघात हो गया। डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर किया तो वह उन्हें बरेली लाकर कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में उनका इलाज शुरू करने से पहले कोविड सैंपल लिया गया। दो सितंबर को बताया गया कि वह कोरोना संक्रमित हैं जबकि उनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। जिस समय उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती किया जा रहा था, उस दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल 97 और हार्ट रेट 71 था। वार्ड में भर्ती होने के कुछ घंटे बाद ही डॉक्टरों ने बताया कि ऑक्सीजन लेवल 70 आ गया है। 24 घंटे बाद ही तीन सितंबर की दोपहर उनकी मौत हो गई।
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बेटे ने शासन में शिकायत की है कि अस्पताल में उनकी मां का न तो इलाज किया गया न उन्हें कुछ खाने को दिया गया। इसी वजह से उनकी तबियत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। उन्होंने शासन से मामले की जांच कराकर अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रिकॉर्ड में दर्ज हुए दो पते तो बढ़ा असमंजस

संक्रमित महिला की डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर हरदोई और शव के अंतिम संस्कार के लिए दी सूचना में नवाबगंज का पता दर्ज था जिस पर अफसर भी असमंजस में आ गए। परिवार से बात करने पर साफ हुआ कि महिला नवाबगंज की ही मूल निवासी हैं मगर उनका छोटा बेटा हरदोई में रहता है। अंत्येष्टि संजयनगर श्मशान भूमि पर करानी थी इसलिए घर का पता दिया। भाई ने ऑडिट रिपोर्ट पर हरदोई का पता दर्ज कराया। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने कहा कि परिवार अगर लिखित शिकायत करता है तो उसके आरोपों की जांच के बाद नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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