फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेड जोन में आने के बाद राहत की उम्मीद न करें

विज्ञापन
बेवजह घूम रहे लोगों से डंडे के बल पर पूछताछ करती महिला पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

लॉकडाउन के नियम-कायदों में कोई रियायत नहीं देगा प्रशासन
विज्ञापन

सिर्फ जरूरी चीजों की दुकानें खुलेंगी, गैरजिम्मेदारी पर कार्रवाई

बरेली। दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ने के साथ बरेली के रेड जोन में आने से यहां अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है। प्रशासन ने इसके बाद लॉकडाउन में कोई रियायत न देने का फैसला लिया है। डीएम ने साफ किया है कि पहले से चल रही व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। शहर में सिर्फ जरूरत के सामान की दुकानें ही खुलेंगे।
विज्ञापन

बरेली में फिलहाल तीन कोरोना संक्रमित हैं। इसके साथ हजियापुर के संक्रमित युवक की मौत हो चुकी है। बरेली में ही उसके दो रिश्तेदार संक्रमित मिले हैँ। रामनगर में भी महाराष्ट्र से आया एक युवक संक्रमित मिला है। शुक्रवार को बरेली को रेड जोन में शामिल करने की घोषणा के साथ तय हो गया कि बरेली के लोगों को निकट भविष्ट में कोई राहत देने का सरकार का इरादा नहीं है। इसके साथ दो हफ़्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ने के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया कि पहले से तय नियम-कायदे आगे भी लागू रहेंगे। अभी सिर्फ दवा, राशन, दूध, फल, सब्जी के साथ दूसरी आवश्यक सेवाओं वाली दुकानें ही खुलेंगी। डीएम ने बताया कि लॉकडाउन का पूरी कड़ाई से पालन कराया किया जाएगा।

अफसरों को समझ नहीं आया.. रेड जोन क्यों

जिले के अफसर केंद्र सरकार की ओर से बरेली को रेड जोन में रखे जाने की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के अपने मानक है जिनके आधार पर कोई फैसला लिया जाता है लेकिन इस सवाल का फिलहाल जवाब नहीं मिल पा रहा है कि कई जिलों में कोरोना के इससे ज्यादा केस होने के बावजूद उन्हें आरेंज जोन में क्यों रखा गया है। हालांकि यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि बरेली ज्यादा आबादी वाला शहर है जहां सामुदायिक संक्रमण फैलने की आशंका है। पास में संवेदनशील हो चुके मुरादाबाद और उत्तराखंड के साथ दिल्ली और मुंबई से लोगों के आने की वजह से यहां संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा हो सकती है।

 

बरेली रेड जोन में है। इसलिए यहां लॉकडाउन पर कोई छूट नहीं दी जा सकती। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित दुकानें ही खुलेंगी। जिले को रेड जोन में क्यों रखा है, यह नहीं कह सकते। इसके लिए सरकार के अपने मानक हैं। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें