बरेली। बालिका से दुष्कर्म के मामले में डीएनए जांच रिपोर्ट दोषी के लिए सजा का आधार बनी। घटनास्थल से बरामद बाल, नाखून के टुकड़े, टी शर्ट, अंडरवियर से नमूने लेकर डीएनए जांच कराई गई। सभी नमूने आरोपी के डीएनए सैंपल से मैच हो गए। घटना के 17 माह के भीतर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) उमाशंकर कहार ने आरोपी भूरा (20) को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी घटना के समय से ही जेल में बंद है। साथ ही, कोर्ट ने दोषी 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
घटना 14 जून 2023 की बारादरी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। आठ वर्षीय बालिका शाम को कुछ सामान लेने पास की दुकान पर गई थी। इसी दौरान जाहिद उर्फ भूरा उसको फुसलाकर खाली प्लॉट पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। वह रोने लगी, तो जान से मारने की नीयत से उसका गला दबाया। इससे वह बेहोश हो गई। बाद में होश आया तो वह रोते हुए घर पहुंची। मां को घटना की जानकारी दी।
बालिका के पिता ने घरों में लगे कैमरों कोे चेक कराया तो जाहिद बालिका को ले जाते दिखा। पिता की शिकायत बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। सितंबर 2023 को आरोपपत्र अदालत में पेश किया। मामले में कुल 15 साक्ष्य व 14 गवाह अदालत में पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी जाहिद ऊर्फ भूरा को दोषी पाते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।