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मुनाफाखोरी पर डीएम सख्त, व्यापारी नेताओं को तलब कर मांगी रेट लिस्ट

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अपनी जरूरत का सामान खरीदते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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आटा-दाल, चावल और तेल पर अचानक रेट बढ़ने का कारण पूछा, मुनाफाखोरी न होने देने की चेतावनी

बरेली। आटा-दाल और तेल जैसी राशन की जरूरी चीजों पर मुनाफाखोरी की खबरों पर डीएम ने प्रमुख व्यापारी नेताओं को तलब कर नाराजगी जताई। डीएम ने उनसे राशन की प्रमुख चीजों की रेट लिस्ट मांगी और बाजार में मुनाफाखोरी न होने देने की चेतावनी दी।
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जनता कर्फ्यू के बाद राशन के जरूरी सामान पर लगातार रेट बढ़ रहे हैं। अमर उजाला में इस बारे में प्रमुखता से खबर छपने के बाद डीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह व्यापारी नेताओं को बुलाकर इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने आटा-घी, तेल और दालों पर अचानक महंगाई बढ़ने का कारण पूछा तो व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बाजार में स्थिति सामान्य है। डीएम ने इस पर उनसे राशन के विभिन्न सामान की सूची और उनके रेट उपलब्ध कराने को कहा। व्यापारी नेताओं ने शाम तक सूची सौंपने का वादा किया लेकिन देर शाम तक सूची डीएम कार्यालय नहीं पहुंची। राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि वे सूची तैयार करा रहे हैं। जल्द ही यह सूची डीएम को भेज दी जाएगी।
बता दें कि श्यामगंज और उससे सटे बाजारों में कारोबारियों ने मौका मिलते ही राशन की चीजों पर 10-12 रुपये तक रेट बढ़ा दिया। लोकल ब्रांड आटे पर यह कहकर रेट बढ़ाया कि गेहूं का स्टाक खत्म हो गया है। हालांकि फ्लोर मिल और चक्कियां चलाने वाले इन कारोबारियों के पास तीन लाख क्विटंल से ज्यादा गेहूं का स्टाक बताया गया है। यही स्थिति दालों और तेल पर है। श्यामगंज, नई बस्ती, गंगापुर, ब्रह्मपुरा, हजियापुर, आंवला, दयोचरा, नवाबगंज, रिछा, बहेड़ी, रिठौरा के गोदामों में राशन का इतना अपार भंडार बताया जा रहा है जो सूत्रों के मुताबिक जिले की तीन महीने की जरूरत पूरी करने को काफी है।

सब्जी और फल इतना ज्यादा स्टाक कि फेंकना पड़ा

डेलापीर सब्जी और फल मंडी में स्टाक होने के बावजूद फेरी वाले मनमाफिक रेट वसूल रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है। फल मंडी एसोसिएशन पदाधिकारी सुब्हान खां ने बताया कि फल-सब्जियों की कोई कमी नहीं है न थोक मंडी में दाम बढ़े हैं। उल्टे मांग कम होने से फल और सब्जी खराब हो रही हैं और उन्हें फेंकना पड़ रहा है।

सख्ती से थमीं मोहल्लों की चक्कियां

मोहल्लों में आटा चक्कियां नहीं चल पा रही हैं। बताया गया है कि रास्ते में पुलिस के परेशान करने की वजह से लेबर नहीं पहुंच रही है। इससे गेहूं पिसवाने के लिए लोग परेशान हैं। बता दें कि जिले भर में करीब दो हजार से ज्यादा आटा चक्की हैं।
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