बरेली। सर्किट हाउस में जनपद के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष विकास का खाका पेश किया। इस पर सीएम ने हिदायत दी कि जनसमस्याओं का गंभीरता पूर्वक निस्तारण करें। लंबित राजस्व वादों का समय पर निस्तारण कराएं।
डीएम ने बताया कि बरेली स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के 1200 कैमरों के जरिये शहर की निगरानी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर 10,12,654 ई-चालान की जानकारी दी। सीबीगंज में नगर वन, बहेड़ी में 250 एकड़ भूमि पर 92.73 करोड़ रुपये से मेगा फूड पार्क की स्थापना की जानकारी दी। नवाबगंज के गांव ग्रेम में 112 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लाइमेंट जोन विकसित करने की योजना के बारे में भी बताया।
बीडीए की ओर से कराए जा रहे प्रवेश द्वारों के निर्माण, रामगंगानगर आवासीय योजना, रामायण वाटिका, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना, पीलीभीत बाइपास आवासीय योजना, औद्योगिक टाउनशिप, नाथ कॉरिडोर के विकास की जानकारी दी। नगर निगम की ओर से विकसित की जा रही वन वाटिकाओं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एसटीपी, सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों के सुदृढ़ीकरण, वेंडिंग जोन का निर्माण, सीआई पार्क, गांधी उद्यान, आईवीआरआई रोड का सौंदर्यीकरण, बायोडायवर्सिटी पार्क, लीलौर झील के विकास आदि के बारे में बताया।
सीएमओ बोले- जिले में सिर्फ एक ही फिजिशियन
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में 35 डॉक्टर हैं और जनपद में एक ही फिजिशियन हैं। अतिरिक्त फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि अधिकारियों को निक्षय मित्र से जोड़ा गया है कि नहीं तो सीएमओ ने सकारात्मक जवाब दिया। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की मदद से स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराएं।
खोदी गईं सड़कें दुरुस्त नहीं कराने वालों पर करें कार्रवाई
सीएम ने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन योजना के तहत अगर खोदी गई सड़कों को ठीक नहीं कराया गया है तो जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीएम सूर्य घर योजना के प्रति लाभार्थियों को जागरूक करने की हिदायत दी। मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने, सड़क प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, अग्निशमन व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने की बात कही। लोगों को साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक करने की बात कही। योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित करने और कमी पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की हिदायत दी।