ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए की डेड लाइन 31 मई तय है। चंद दिनों में बड़े काम को अंजाम देना है लिहाजा जिलाधिकारी डा. पिंकी जोवल खुद दलबल के साथ बुधवार को दोपहर में ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचीं। अवैध खोखों में दुकान चला रहे मैकेनिकों को कहा तीन दिन में प्लाट ले लें वरना अवैध खोखे हटा दिए जाएंगे। तत्काल वहां मैकेनिकों को प्लाट देने के लिए कैंप भी लगा दिया गया। शनिवार तक का मौका दिया गया है। उसके बाद कोई सुनवाई नहीं होगी।
बुधवार को दोपहर करीब एक बजे डीएम ट्रांसपोर्टनगर पहुंचीं। उनके साथ एडीएम सिटी आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन एसपी सिंह, एसडीएम अर्चना द्विवेदी थीं। बीडीए उपाध्यक्ष भी अपनी टीम के साथ वहां मौजूद थे। डीएम ने मैकेनिकों से सीधे बात की। मैकेनिकों का कहना था कि वे प्लाट लेने को तैयार हैं। एक महीने पहले ही वे बीडीए को 243 मैकेनिकों की प्लाट लेने को सूची दे चुके हैं, लेकिन बीडीए प्लाट आवंटित ही नहीं कर रहा है। हमें किश्तों में प्लाट दिए जाएं तो लेने को तैयार हैं। मैकेनिकों के आरोपों का जवाब देते हुए बीडीए उपाध्यक्ष का कहना था कि हमने कई बार मैकेनिकों को प्लाट देने की पहल की, लेकिन कोई मैकेनिक लेने को तैयार नहीं हुआ। इस पर मैकेनिक कहने लगे कि हमारे पास इतना रुपया नहीं है कि बड़े प्लाट ले पाएं। हमें छोटे प्लाट चाहिए। बीडीए सचिव ने बताया कि उनके पास 3×3 के छोटे प्लाट हैं। यह प्लाट 11830 रुपये स्वाक्वर मीटर के हिसाब से मैकेनिकों को दिए जाएंगे। डीएम ने इस पर मैकेनिकों के सहमति पत्र भरने को बुधवार से ही बीडीए की टीम को लगा दिया। बीडीए की टीम के साथ नायब तहसीलदार आनंद कुमार भी रहेंगे। डीएम ने बीडीए के अधिकारियों और एसडीएम को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन टीपीनगर में कैंप लगाकर सहमति पत्र भरवाने के बाद मैकेनिकों को प्लाट दे दें। उन्होंने जरूरत पड़ने पर बीडीए को प्लाटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। प्लाटों की संख्या से ज्यादा आवेदन होंगे तो लाटरी सिस्टम से आवंटन होगा।
ट्रकों से घिरी हैं सड़कें
टीपी नगर की सड़कें तो ट्रकों से घिरी हुई हैं। बीडीए यहां मैकेनिकों को दुकानें आवंटन करने में अभी तक सफलता नहीं मिली है, लेकिन सफाई की हालत बेहद खराब है। यहां कुछ मैकेनिक तो दुकान न मिलने की वजह से करीब 15 साल से टीपीनगर में खोखे रखकर सड़कों पर ही कारोबार कर रहे हैं।