बरेली। घटिया और अव्यवस्थित निर्माण कार्य के चलते तीन दिन पहले निर्माणाधीन गेट गिरने से दबकर हुई पांच वर्षीय अखिलेश की मौत के प्रकरण में डीएम मानवेंद्र सिंह ने जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज कराने समेत पंचायती राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। तकनीकी सहायक मनरेगा और एडीओ पंचायत को निलंबित कर बीडीओ से जवाब तलब किया है।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि प्राइमरी स्कूल बरुआ हसनपुर भुता में लगे गेट का पिलर गिरने से दबकर गांव के ही पांच वर्षीय बच्चे अखिलेश की आकस्मिक मौत हुई थी। इसमें ग्राम प्रधान समेत निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे अफसर प्रथम दृष्टया दोषी हैं। लिहाजा, प्रधान पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उन्हें पंचायती राज अधिनियम- 1947 की धारा 95जी केतहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिम्मेदार अफसर पंचायत विकास अधिकारी और तकनीकी सहायक (मनरेगा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ भुता से जवाब तलब किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ये कार्रवाई एबीएसए भानु शंकर की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है।
बना फाउंडेशन और सरिया के बना दिया था पिलर
एबीएसए की रिपोर्ट के मुताबिक, कायाकल्प योजना के तहत स्कूल में इंटरलॉकिंग का काम हो रहा था। गेट छोटा होने से ट्रैक्टर की टक्कर से गिर गया था। जिसे प्रधान ने बिना कार्य योजना और बगैर बजट पास कराए घटिया सामग्री का प्रयोग कर बनवा दिया था। निर्माण में फाउंडेशन नहीं बनाया गया और नही सरिये का प्रयोग हुआ। जमीन की सतह से ईंटों की चुनाई कर पिलर पर गेट लगाया था। पिलर गेट के भार से गिर गया था।