शहाबुद्दीन रजवी ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के गैर शरई काम करने वाले अपने गुनाहों से तौबा करें। नाजायज और हराम काम से दूरी बनाए रखें। अगर ऐसे लोग बाज न आए तो मुसलमानों पर लाजिम है कि ऐसे लोगों को हरगिज अपने धार्मिक जुलूसो में शिरकत न करने दें। अगर कोई शख्स डीजे लेकर आता है तो उसको जुलूस से बाहर कर दें।
मौलाना ने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी बहुत पाकीजा और सफाई वाला दिन है। इस दिन पूरी दुनिया को पैगंबर-ए-इस्लाम के अमन व शांति वाले पैगाम को दुनिया के सामने पहुंचाया जाना चाहिए। कोई भी कार्य ऐसा न करें जो नाजायज व हराम हो।