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Bareilly News: जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे और नाच-गाना हराम, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जारी किया यह फरमान

Mon, 01 Sep 2025 03:29 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फरमान जारी करते हुए कहा कि मुसलमान शरीयत के खिलाफ कोई काम न करें। जुलूस-ए-मोहम्मदी में अमन व शांति को कायम रखें। उन्होंने जुलूस में डीजे और नाच-गाना नाजायज व हराम बताया। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शरीयत द्वारा बताई गई हदों में रहने के लिए एक फरमान जारी किया है। मौलाना ने कहा कि डीजे और नाच-गाना नाजायज व हराम है। मुस्लिम नौजवान इससे बाज आएं। मुसलमान शरीयत के खिलाफ कोई काम न करें। जुलूस-ए-मोहम्मदी में अमन और शांति को कायम रखें। उन्होंने कहा कि जुलूस-ए मोहम्मदी का मकसद पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिन की खुशी मनाना है। एक मुसलमान के लिए इससे बढ़कर कोई दूसरी खुशी नहीं हो सकती। इसलिए खुशी का इजहार अपने धार्मिक स्थलों और अपने घरों को सजावट के साथ करें। 

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मौलाना ने अंजुमन के तमाम जिम्मेदारों को हिदायत देते हुए कहा कि ये दिन अमन व शांति का है, जिसकी शिक्षा पैगंबर-ए-इस्लाम ने पूरी दुनिया को अमन व शांति का पैगाम दें कर किया। इसलिए अमन व शांति बरकरार रखते हुए अकीदत व सम्मान के साथ जुलूस में शामिल हों। जुलूस में किसी तरह का भड़काऊ बयान या नारा न लगाएं। नमाज को उनके वक्त पर अदा करें। 

शरीयत की नजर में ये काम नाजायज और हराम 
मौलाना ने कहा कि आजकल कुछ मुस्लिम नौजवान धार्मिक जुलूसों जैसे जुलूस-ए-मोहम्मदी और उर्स के दिनों में डीजे का खूब इस्तेमाल करते हैं। गाने बाजे पर नौजवान नात शरीफ की आवाज पर हाथों में रुमाल लेकर लहराते हुए डांस करते हैं। ये तमाम कार्य शरीयत की नजर में नाजायज और हराम हैं। शरीयत ने गाने बाजे और डांस को शैतानी अमल बताया है। मजहबी जुलूसों में डीजे की आवाज पर थिरकने, रुमाल हवा में लहराने, हुल्लड़बाजी का चलन बढ़ता जा रहा है, जो सख्त हराम और नाजायज है। 

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शहाबुद्दीन रजवी ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के गैर शरई काम करने वाले अपने गुनाहों से तौबा करें। नाजायज और हराम काम से दूरी बनाए रखें। अगर ऐसे लोग बाज न आए तो मुसलमानों पर लाजिम है कि ऐसे लोगों को हरगिज अपने धार्मिक जुलूसो में शिरकत न करने दें। अगर कोई शख्स डीजे लेकर आता है तो उसको जुलूस से बाहर कर दें।

मौलाना ने  कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी बहुत पाकीजा और सफाई वाला दिन है। इस दिन पूरी दुनिया को पैगंबर-ए-इस्लाम के अमन व शांति वाले पैगाम को दुनिया के सामने पहुंचाया जाना चाहिए। कोई भी कार्य ऐसा न करें जो नाजायज व हराम हो।
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