नगर विधायक डॉ. अरुण के घर के पास शाम करीब साढ़े सात बजे हुई वारदात
बरेली। जल निगम में जूनियर फिटर के पद पर तैनात दोनों पैरों से दिव्यांग 50 वर्षीय गुलाबराय उपाध्याय की बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे कार्यालय में गोली लगने से मौत हो गई। कार्यालय गांधीनगर में नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार के आवास के पास है। ऑफिस के अधिकारियों-कर्मचारियों और पुलिस ने इसे खुदकुशी बताया, लेकिन परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है। भाई ने जल निगम कार्यालय में हंगामा करते हुए पुलिस को खूब खरीखोटी सुनाई और शव ले जा रही एंबुलेंस को रोक लिया।
मूलरूप से सीबीगंज के गांव बादशाहनगर निवासी गुलाबराय परिवार समेत दुर्गानगर आवास विकास कॉलोनी में रहते थे। जल निगम कार्यालय में वह लैब में तैनात थे। सहायक अभियंता अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे वह अन्य कर्मचारियों के साथ अकाउंट सेक्शन के बाहर खड़े होकर बात कर रहे थे, तभी एक्सईएन संजय कुमार आ गए तो वे लोग बात करने के लिए उनके पास चले गए। इसी बीच गोली चलने की आवाज सुनाई दी। सब लोग वहां से दौड़कर अकाउंट सेक्शन में पहुंचे तो देखा कि गुलाबराय खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। कुछ दूरी पर ही तमंचा पड़ा था। एसपी सिटी रवींद्र कुमार, सीओ प्रथम श्वेता यादव, इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा मौके पर पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। छानबीन के बाद पुलिस ने वहां मिला .32 बोर का तमंचा कब्जे में ले लिया और शव को सील करके एंबुलेंस में रखवा दिया।
यूपी-112 नंबर नहीं लगा तो एसपी ट्रैफिक को दी सूचना
एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि पहले उन्होंने सौ नंबर पर फोन किया लेकिन नंबर नहीं लगा। फिर यूपी-112 नंबर पर कोशिश की लेकिन वह भी नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह को घटना सूचना दी। उन्होंने प्रेमनगर पुलिस और अन्य अधिकारियों को अवगत कराया।
हाथ धुलवाकर लिया सैंपल
फोरेंसिक टीम ने मौके से .32 बोर का तमंचा बरामद किया। उसकी नाल में खोखा भी फंसा मिला। इसके बाद गोली गुलाबराय ने खुद चलाई या किसी अन्य व्यक्ति ने इसकी जांच के लिए गुलाबराय का हैंडवाश और हैंड स्वैब का सैंपल लिया गया।
जल निगम स्टाफ पर हत्या का आरोप
घटना की सूचना पर गुलाबराय के भतीजी दामाद आधीश कुमार मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर गुलाबराय के बेटे शुभम, केशव और कुबेर भी वहां पहुंच गए। उस वक्त पुलिस शव को बैग में बंद करके एंबुलेंस में रखकर जिला अस्पताल भेजने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच उनके भाई योगेश उपाध्याय मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव ले जा रही एंबुलेंस रोक ली और जल निगम स्टाफ पर हत्या करने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। कहा- पुलिस ने परिवार वालों की मौजूदगी में पंचनामा भरे बिना कार्रवाई की है।
पैर कटने पर नहीं की खुदकुशी तो अब जान क्यों देंगे
भाई योगेश ने बताया कि वर्ष 2014-15 में ट्रेन की चपेट में आकर गुलाबराय के दोनों पैर कट गए थे। मगर उनकी इच्छाशक्ति बहुत मजबूत थी। वह ठीक होकर फिर से काम पर लग गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति इतने जीवट वाला था और जिसने पैर कटने की वक्त खुदकुशी नहीं की तो वह अब आत्महत्या क्यों करेगा। आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या की गई है।
गुलाबराय से खुश नहीं थे साथी कर्मचारी
जल निगम कर्मचारियों से जब गुलाबराय के बारे में बात की गई तो कोई भी उनसे खुश नजर नहीं आया। कर्मचारियों ने बताया कि वह सबके खिलाफ विभाग में शिकायतें करते थे और आरटीआई लगाते रहते थे। इस वजह से सभी उनसे परेशान और नाराज रहते थे।
इन वजहों से हत्या का शक
- - फोरेंसिक टीम को मौके से शर्ट के चार टूटे बटन मिले हैं। एक बटन गुलाबराय की शर्ट का था लेकिन बाकी तीन बटन किसी अन्य के थे।
- - तमंचा शव से करीब पांच फुट दूरी पर पड़ा था, जबकि खुदकुशी करने पर यह शव के पास ही पड़ा होना चाहिए थे।
- - गुलाबराय सभी काम दाहिने हाथ से करते थे, लेकिन गोली उनकी बायीं कनपटी पर लगी थी।
- - एक कर्मचारी ने बताया कि जब गुलाबराय की मौत हुई एई अरुण प्रताप सिंह और दो अन्य कर्मचारी इमरान, रजनीकांत अकाउंट सेक्शन के सामने कंप्यूटर सेक्शन में मौजूद थे। मगर जब उन लोगों से बात की गई तो उन्होंने खुद को बाहर होना बताया।
- - जिस स्थान पर गुलाबराय का शव मिला है, वहां तीन तरफ से आने-जाने के रास्ते हैं, कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर आ-जा सकता है।
जल निगम के कर्मचारियों ने बताया है कि उसने गोली मारकर खुदकुशी की है, मौके पर सबूत भी वैसे ही मिले हैं। परिवार वाले अगर हत्या का आरोप लगा रहे हैं तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी