तलाक तो हो गया, अब हलाला से गुजरना होगा
- फोटो : Divorce has happened, now it has to go through the halala
शाहजहांपुर में एक तीन तलाक का मामला बुधवार को यहां दरगाह आला हजरत स्थित दारुल इफ्ता मंजरे इस्लाम में निपटाया गया। पति पत्नी दोनों दुबारा से साथ रहने को तैयार हो गए हैं, मगर पत्नी को हलाला से गुजरना होगा। फिर दुबारा से निकाह के बाद दोनों साथ रह सकेंगे। शाहजहांपुर की रहने वाली एक लड़की से तिलहर निवासी अयाजउददीन से उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी, दो बच्चे भी हैं। दो साल पहले दोनों में अनबन इतनी बढ़ी कि महिला अपने मायके जा कर रहने लगी। दो साल से वो अपने घर पर ही रह रही थी। लगभग डेढ़ महीना पहले पति अयाज पत्नी को लेने शाहजहांपुर उसके घर पहुंचा। वहां बात फिर बिगड़ गई और लड़की ने ससुराल आने से इंकार कर दिया। इस पर अयाज ने उसे एक बार में तीन तलाक दे दिया।
इसके बाद लड़की ने खुद के उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में अर्जी दी। लड़के पक्ष के लोगों ने मामला सुलझाने के लिए शरई अदालत का दरवाजा खटखटाया। पति अयाज और परिजनों ने यहां दरगाह आला हजरत स्थित दारुल इफ्ता मंजरे इस्लाम में मामले को सुलझाने का रास्ता पूछा। दारुल इफ्ता के मुफ्ती सदर मुफ्ती कफील हाशमी ने लड़के पक्ष की बात सुनने के बाद दो दिन पूर्व दोनों पक्षों को बुलाया। इस पर लड़की पक्ष ने आने से इंकार कर दिया। खासतौर से महिला ने साफ कह दिया कि वह थाने से मामले को निपटाएगी। इसी बीच बातचीत के लिए लड़की पक्ष भी राजी हो गया। यह दोनों पक्ष बुधवार को यहां शरई अदालत में हाजिर हुए। मुफ्ती कफील हाशमी ने दोनों पक्षों को सुना और पति को तीन तलाक पर फटकार भी लगाई। फिर दोनों ने समझौते के लिए तैयार हो गए। इस पर पति-पत्नी के परिजनों के समक्ष मुफ्ती कफील ने दोनों के सझौते पर अपने फैसले की मुहर लगा दी। अब शरीयत के अनुसार लड़की को हलाला करना होगा। उसके बाद ही उसका अयाज के साथ दुबारा निकाह हो सकेगा।