बरेली। शहर के ओवरब्रिज और डिवाइडरों की सुंदरता आधुनिक तकनीक के माध्यम से बढ़ाई जाएगी। इसके तहत जगह-जगह पाैधे लगाए जाएंगे और उन्हें हरा-भरा रखने के लिए जलापूर्ति सौर ऊर्जा से संचालित मोटर से होगी। ये पाैधे न केवल राह चलते लोगों को सुकून देंगे, बल्कि इन्हें ऐसे लगाया जाएगा कि छुट्टा जानवर भी नहीं खा सकेंगे। इससे न केवल शहर खूबसूरत होगा, बल्कि नगर निगम को सिंचाई के लिए खर्च भी नहीं करना पड़ेगा।
शुक्रवार को एक निजी कंपनी ने महापौर के सामने इस प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया। महापौर ने प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट कंपनी से तलब की है। सब कुछ ठीक रहा तो इसकी शुरुआत जल्द झुमका तिराहा से किला रोड पर देखने को मिलेगी। यह कार्य पीपीपी मोड पर होगा और खासताैर पर स्मार्ट सिटी के पुराने कंक्रीट वाले डिवाइडरों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। डिवाइडरों को यातायात सुरक्षा व शहर की संस्कृति के आलेख, बैनर, चित्र और कलाकृतियों से भी सजाया जाएगा।
हरियाली और फुलवारी से रौनक बढ़ाने के साथ ही डिवाइडर और ओवरब्रिज पर विज्ञापन पट भी लगाए जाएंगे, जो नगर निगम की आमदनी का स्रोत बढ़एंगे। निजी एजेंसी का दावा है कि साैंदर्यीकरण की यह विधि प्रदेश ही नहीं देश में अलग तरह की होगी। इसी एजेंसी ने मॉर्डन फ्लैट की योजना लागू की थी।
डिवाइडर पर लगने वाले पौधों के गमले पाइप लाइन के जरिये जुड़े होंगे। इसमें सोलर सिस्टम से स्वचलित मोटर से पानी फुलवारी तक पहुंचाया जाएगा। फुलवारी में पॉलिमर स्टोन एफआरपी प्लांटर्स का प्रयोग होगा। फ्लाई फुलवारी ग्रीनरी के साथ-साथ एस्थेटिक लुक, रेवेन्यू जेनरेशन, व्यू कटर, साउंड बैरियर और नाइट रिफ्लेक्टर के लिए कॉस्ट इफेक्टिव प्रॉडेक्ट रहेगा। इस प्रक्रिया से पाैधों की सिंचाई के लिए निगम को पानी के टैंकर नहीं दौड़ाने पड़ेंगे।
पहले चरण में जिन क्षेत्रों के डिवाडर और ओवरब्रिज पर काम होगा, उनको भी अस्थाई तौर पर चुन लिया गया है। इसमें झुमका चौराहे से किला रोड तक के डिवाइडर समेत शहर की एंट्री वाले सेटेलाइट ओवरब्रिज, नगर निगम के सामने डिवाइडर, किला ओवर ब्रिज, बदायूं ओवर ब्रिज को चुना गया है। इसके बाद दूसरे चरण में रामपुर बाग समेत सिविल लाइंस क्षेत्र और शहर में बने अटल सेतु, सुभाषनगर ओवरब्रिज, कुदेशिया फाटक ओवरब्रिज, हार्टमैन पुल, श्यामगंज ओवरब्रिज पर साैंदर्यीकरण किया जाएगा। तीसरे चरण में शहर के अन्य सभी डिवाइडर हरे-भरे होंंगे।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत देश में पहली बार बरेली से होगी। इसमें एक नई हरियाली की व्यवस्था देखने को मिलेगी। अधिकारियों और अन्य लोगों से बातचीत के बाद प्रोजेक्ट हैंडओवर करने की भी प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। एक से दो माह में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा सकती है। हालांकि प्रयास है कि यह प्रोजेक्ट इससे पहले ही शुरू हो सके।