बरेली। शहर में खून की सौदेबाजी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने कर्मचारी नगर चौराहे पर पकड़े गए आरोपी अतीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
आईएमए ब्लड बैंक के बाहर कल्याण यादव नाम का शख्स काफी समय से खून की सौदेबाजी कर रहा था। वह दिहाड़ी मजदूरों और नशेड़ियों के खून का सौदा करता था। उसे कोतवाली से जेल भेजा गया था। इसी तरह, इज्जतनगर क्षेत्र में पकड़ा गया परतापुर चौधरी निवासी अतीक भी काफी समय से खून की सौदेबाजी में लगा था। मिनी बाइपास पर कई निजी अस्पताल हैं। इनमें काफी मरीज आते हैं। अस्पताल के पास ही अतीक और उसके गुर्गे खड़े रहते हैं। जरूरतमंदों से ये लोग सौदेबाजी करने लगते हैं।
बृहस्पतिवार को हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने कर्मचारी नगर चौराहे के पास अतीक को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। शाही थाने के कल्याणपुर निवासी नंद किशोर ने रिपोर्ट कराई है कि उनकी पत्नी श्वेता को दो यूनिट खून की जरूरत थी। अतीक उन्हें अस्पताल के सामने ही मिला था। उसने बीस हजार रुपये में दो यूनिट खून का बंदोबस्त कराने का सौदा किया था। उन्होंने उसे कुछ रुपये अपने मोबाइल से ट्रांसफर भी किए थे। पकड़ा गया तो वह अपना हिंदू नाम बता रहा था, लेकिन पूछताछ में उसका असली नाम अतीक सामने आया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।