इस मामले में पुलिस ने निरंजन यदुवंशी समेत चार आरोपियों को जेल भेजा था। उनके जेल जाने के बाद विकास को भी पुलिस ने चंदौसी में उसके दोस्त के घर से पकड़ लिया था। उसने बताया था कि डर की वजह से अपने दोस्त के यहां छिप गया था।
दरोगा हेमंत यादव पर लगाया आरोप
जेल से बाहर आने के बाद जिला पंचायत सदस्य ने मीरगंज थाने के दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें फर्जी अपहरण के मामले में थाना मीरगंज पुलिस ने भेज दिया। मेरा मोबाइल दरोगा हेमंत यादव ने अपने पास जमा कर लिया था।
जेल से आने के बाद जब उन्होंने मोबाइल वापस मांगा तो दरोगा ने 20 हजार रुपये मांगने लगे। जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि उनके मोबाइल की कीमत 50 हजार रुपये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस को ट्वीट कर मोबाइल दिलाने की मांग की है।