बरेली। देश में महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। इससे बचाव का एक ही कारगर तरीका है कि लोगों का एक-दूसरे से संपर्क न हो। सोशल मीडिया के जरिए तमाम सुझाव और जानकारियां देने के बाद भी लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी कमोवेश यही हाल है। ऐसे में शनिवार सुबह 10 बजे अचानक शासन से ओपीडी बंद करने का आदेश मिला। इस पर आनन-फानन में ओपीडी पूर्वान्ह 11 बजे बंद कर दी गई। ओपीडी अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की जानकारी सीएमएस ने दी है। हालांकि, इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी में दोगुने से भी ज्यादा मरीजों की भीड़ हो रही थी। आमतौर पर अस्पताल में दो हजार मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन इन दिनों प्रतिदिन चार हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर सर्दी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द के हैं। चूंकि यही लक्षण कोरोना से संक्रमण के हैं, सो लोग परेशान हैं। हालांकि, विदेश से न लौटने और किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में न आने की वजह से उनकी कोेरोना संबंधी जांच नहीं की जा रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि अगर रोगियों की इस भीड़ में कोई एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजीटिव निकला तो हजारों मरीजों के संक्रमित होने की आशंका है। लिहाजा शासन की ओर से सुबह दस बजे ओपीडी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।
इमरजेंसी में देखे जाएंगे सिर्फ गंभीर मरीज
जिला अस्पताल में ऑर्थोपेडिक, चाइल्ड, ईएनटी, फिजीशियन, दंत रोग विशेषज्ञ के पास रोजाना दूर दराज से सैकड़ों मरीज पहुंचते थे। ओपीडी बंद होने से इन मरीजों को खासी परेशानी होने की आशंका है। डॉक्टरों के मुताबिक, ओपीडी भले ही बंद रहेगी लेकिन इमरजेंसी में ईएमओ के साथ एक अन्य डॉक्टर मौजूद रहेंगे, जो मरीजों को परामर्श और दवाएं देंगे। दवा काउंटर भी खुला रहेगा। इसके अलावा एक्स-रे, एआरवी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड आदि यूनिटों में कार्य निरंतर जारी रहेगा। पैथोलॉजी लैब भी संचालित रहेगी।
28 सेल्फ सस्पेक्टेड मरीजों की हुई जांच
कोरोना के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते होने के कारण लोग कोल्ड इन्फेक्शन होने पर भी खुद को कोरोना का मरीज बताकर जांच कराने के लिए हंगामा करने लगते हैं। ऐसे करीब 28 मरीजों की कोरोना जांच की गई। ये सभी सेल्फ सस्पेक्टेड थे। सहायता केंद्र पर पहुंचने के बाद इन्हें जांच कराने को कहा गया था, लेकिन इनमें से एक भी संदिग्ध नहीं था। शनिवार को दुबई से लौटा मॉडल टाउन का परिवार जिला अस्पताल पहुंचा। आईडीएसपी सेल प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास ने उनकी जांच की और उनमें कोरोना संबंधी लक्षण नहीं मिलने पर नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज कर उन्हें वापस भेज दिया।
संदिग्ध मरीजों को तलाशने घर-घर जाएगी टीम
कनिका कपूर के प्रकरण को लेकर हल्ला मचने के बाद शासन नेे शनिवार को फिर 27 विदेशी पर्यटकों की सूची आईडीएसपी सेल को भेजी है। इसके बाद अब विदेश से बरेली आने वालों की तादाद 180 से ज्यादा हो गई है। इनमें से अब तक 61 लोगों को ट्रेस किया जा चुका है। वहीं, अब आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की आईडीएसपी यूनिट ने टीम तैयार कर लोगों को घर-घर भेजकर उनका सैंपल लेने की कवायद शुरू कर दी है। जो लोग प्राथमिक जांच में कोरोना के संदिग्ध मरीज होंगे, उनका सैंपल लिया जाएगा। शनिवार को एक भी कोरोना का संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल नहीं पहुंचा।
संक्रमण की आशंका से आरोग्य मेला स्थगित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर माह के प्रत्येक रविवार को ब्लॉक मुख्यालयों पर लगने वाले आरोग्य मेले भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। बता दें कि तैनात अफसरों और कर्मचारियों ने मेले में संक्रमित होने की आशंका जताई थी। इसे लेकर पिछले दिनों एडी हेल्थ और सीएमओ कार्यालय में आए दिन बहस होती थी। मामले में सूबे के सभी जिलों से मिल रही रिपोर्ट के बाद अब शासन ने आरोग्य मेला को स्थगित करने का आदेश दिया है।
हेल्पलाइन पर कह दिया- झोलाछाप से करा लो इलाज
कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका के चलते मढ़ीनाथ की रहने वाली एक महिला शनिवार को जिला अस्पताल पहुंची। आरोप है कि डॉक्टर ने उससे अशोभनीय व्यवहार कर लौटा दिया। इसके बाद उसके मकान मालिक ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर जानकारी चाही। आरोप है कि फोन उठाने वाले ने उसकी बीमारी को दरकिनार कर कह दिया कि झोलाछाप से ही इलाज करा लो। जुकाम, खांसी ही तो है।