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Bareilly News: गहनों के लिए रार, गाड़ी को लेकर बेपटरी हुआ रिश्ता

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बरेली। दहेज की मांग नहीं, अब कार व गहने घरेलू कलह की वजह बन रहे हैं। महिलाओं के भीतर स्त्रीधन का मोह इतना प्रबल हो गया है कि इसके लिए वे जीवनसाथी को छोड़ने के लिए तैयार हैं। पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में इन दिनों ऐसे ही मामले पहुंच रहे हैं। काउंसलर हरिंदर कौर चड्ढा ने बताया कि पैसों व गहनों को ज्यादा तवज्जो देने से रिश्ते बेपटरी हो रहे हैं।
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केस 1
सुभाषनगर की महिला मायके में रह रही है। ससुराल वालों ने उसे बुलाने के लिए शिकायती पत्र सौंपा। काउंसलिंग में महिला ने बताया कि उसकी शादी में चढ़ा जेवर सास अब देवर की शादी में चढ़ाएंगी। यह उसे मंजूर नहीं। पति ने कहा कि जेवर मेरी मां के हैं। उन्होंने हमारी शादी में हार, झुमके, कंगन, खडुए, टीका आदि चढ़ाए थे। मझले भाई की शादी में भी मां ने यही गहने चढ़ाए। छोटे भाई की शादी में भी यही चढ़ाए जाएंगे। इधर, महिला का कहना है कि ये जेवर उसके हैं। जब तक ये उसे मिल नहीं जाएंगे, वह ससुराल नहीं जाएगी।

केस दो
बारादरी क्षेत्र की रहने वाली महिला की शादी नवाबगंज के युवक से हुई है। दोनों की ये दूसरी शादी है। दोनों नौकरी करते हैं। युवक ने शादी के दौरान किस्तों पर कार खरीदी थी। बीच में आर्थिक परेशानी होने के कारण महिला ने दो किस्तें भरीं। इसके बाद कार की किस्तें टूट गईं। कई महीनों से अलग रह रही महिला का कहना है कि पति गाड़ी को मेरे नाम कर दें तो मैं किस्तें भरूंगी। इस मामले में दोनों को अगली तारीख दी गई।
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बेटी का ध्यान रखने के लिए भी खींचतान
राजेंद्रनगर की महिला व उसके पति के बीच महीनों से अनबन हैं। महिला ने बताया कि तीन साल पहले उसकी शादी पास के ही रहने वाले युवक से हुई थी। दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं। उनकी बेटी का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। यदि मेरी मां घर पर रहकर बेटी का ध्यान रखती हैं तो पति खर्च देने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे में बेटी के साथ मायके में रह रही हूं। वहीं, युवक ने बताया कि पत्नी को मेरे पिता का घर रहना पसंद नहीं था। इसके बाद उन्हें बहन के घर भेज दिया। अब बेटी का ध्यान स्वयं ही रखना होगा।
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