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कोविड अस्पताल में अव्यवस्थाएं बरकरार, संक्रमितों को सता रहा बीमारी का डर

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कोरोना संक्रमित ने डस्टबिन में फेंका खाना। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बुधवार देर रात भर्ती हुए मरीजों ने सिस्टम की खोली पोल, कहा- अफसर नहीं सुन रहे

बरेली। शासन कोविड अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुधारने के लगातार निर्देश दे रहा है, लेकिन सिस्टम अपने ढर्रे पर ही चल रहा है। बीते दिनों खामियों पर अपर मुख्य सचिव नोडल अफसर नवनीत सहगल भी नाराजगी जता चुके हैं। इसके बाद दो दिन तक हालात कुछ ठीक रहे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। बुधवार रात कोविड अस्पताल में भर्ती हुए संक्रमितों ने फोटो वायरल कर सुविधाएं न मिलने पर और गंदगी-दुर्गंध के माहौल में और ज्यादा बीमार होने की आशंका जताई है।
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रेलवे और तीन सौ बेड कोविड अस्पताल के एक बार फिर वीडियो और फोटो वायरल कर व्यवस्था की पोल खोली गई है। संक्रमितों के मुताबिक, गुरुवार सुबह घटिया खाना उन्हें दिया गया। कइयों ने खाना चखा तो उसका स्वाद खराब होने पर डस्टबिन में फेंक दिया। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को गंदगी के वीडियो वायरल होने के बाद साफ-सफाई बेहतर होने की बात कही है। मगर खाने की गुणवत्ता अब भी नहीं सुधरी है। गुरुवार को संक्रमितों को छोले-भटूरे दिए गए। भटूरे इस कदर खराब थे कि उनसे तेल टपक रहा था। सब्जी और सलाद भी बासी थी। वहीं, रेलवे कोविड अस्पताल में कचरे में पीपीई किट फेंक दी गई। मेडिकल वेस्ट भी एक जगह जमा था। संक्रमितों को मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आने से कोरोना के साथ ही अन्य किसी घातक बीमारी की चपेट में आने का डर सता रहा है।

कोरोना योद्धा को भी नहीं मिली सुविधा

जिला अस्पताल के एक डॉक्टर, जो कोविड अस्पताल में तैनात थे वह बुधवार को संक्रमित मिले, उन्हें रेलवे कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के जिस वार्ड में उन्हें रखा गया है वहां सफाई व्यवस्था ठीक है। मगर बाथरूम में बेहद गंदगी है। टॉयलेट की दुर्गंध के चलते वह अंदर कदम तक नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से संपर्क किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। सवाल है कि जब कोरोना योद्धा को बदइंतजामी के बीच रहना पड़ रहा है तो आम मरीजों की हालत का अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।

संक्रमण के खौफ से नहीं हो रही सफाई

बताया जाता है कि कोविड अस्पताल में अधिकतर कार्य ठेके पर किए जा रहे हैं। इसमें तमाम स्टाफ संविदा कर्मी भी है। डॉक्टर, मरीज या स्टाफ के प्रयोग किए गए मास्क, ग्लब्स और अन्य बायोमेडिकल वेस्ट उठाने पर संक्रमण की आशंका के चलते सफाई कर्मी कूड़ा उठाने से बच रहे हैं। वाशबेसिन और बाथरूम की भी वे इसी वजह से सफाई नहीं करते हैं।

सभी को प्रयोग की गई पीपीई किट, ग्लब्स, मास्क समेत मेडिकल वेस्ट को निर्धारित कूड़ेदान या स्थान पर ही डालने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि उसका समुचित निस्तारण किया जा सके। साफ सफाई के भी निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ

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