बरेली। फर्जीवाड़ा करके मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल करने के मामले में लोक निर्माण विभाग की लिपिक समीक्षा सिंह और श्वेता जौहरी की बर्खास्तगी कर दी गई है, लेकिन एफआईआर और वसूली के लिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। हालांकि, अधीक्षण अभियंता ने 12 सितंबर को जारी आदेश में ही अधिशासी अभियंता को इसके लिए निर्देशित कर दिया था। आदेश में कहा गया है कि समीक्षा सिंह और श्वेता जौहरी ने जितने दिनों तक वेतन आहरित किया है, उसकी वसूली भी की जाए, लेकिन निर्देशों का अभी तक पालन नहीं हुआ है। अधीक्षण अभियंता प्रकाश चंद्र से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई अधिशासी अभियंता के स्तर से होनी है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ब्यूरो